पोखरी (चमोली)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में हिंदी विभाग की ओर से ‘हिंदी भाषा का महत्व एवं समकालीन प्रासंगिकता’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए।
प्राचार्य प्रो. रीटा शर्मा ने कहा कि नई पीढ़ी को हिंदी के प्रयोग और संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाना जरूरी है। दैनिक जीवन में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग कर भाषा को समृद्ध बनाया जा सकता है। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शशि चौहान ने कहा कि बदलते दौर में हिंदी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। भाषा के विकास में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। एमएस तृतीय सेमेस्टर की छात्रा विभूति नेगी और बीए के छात्र शिवम पंत ने भी विचार रखे। अन्य वक्ताओं ने हिंदी के महत्व और प्रचार-प्रसार पर चर्चा की। संवाद