चमोली का स्वास्थ्य विभाग अभी से चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुट गया है। विभाग ने स्वास्थ्य निदेशालय से यात्रा पड़ावों के अस्पतालों में आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग उठाई। साथ ही बदरीनाथ धाम में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) की मांग की गई है।
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के यात्रा पड़ावों में अस्पताल तो हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है, जिससे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्वास्थ्य लाभ के लिए झोलाछाप डॉक्टर पर निर्भर रहना पड़ता है। कोरोनाकाल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बदरीनाथ, जोशीमठ, घांघरिया, गोविंदघाट, गौचर और गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने का निर्णय लिया है। सीएमओ डा. जीएस राणा ने बताया कि यात्रा से जुड़े स्वास्थ्य केंद्रों में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक कार्डियोलॉजिस्ट के साथ ही आठ विशेषज्ञ चिकित्सक, 6 मेडिकल ऑफिसर, 12 पैरा मेडिकल स्टाफ और 8 स्टाफ नर्स की तैनाती की मांग की गई है। बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा के मुख्य पड़ाव पांडुकेश्वर और बदरीनाथ धाम में 108 एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और बदरीनाथ सहित प्रमुख अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भी की जाएगी।