संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। घिंघराण क्षेत्र के देवर, खडोरा, नैल, कुड़ाव और मलाना गांव के ग्रामीणों ने बिजली बिलों में आ रही गड़बड़ी पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई।
ग्रामीणों ने कहा कि एक किलोवाट की जगह उन्हें लंबे समय से ऊर्जा निगम की ओर से 3 किलोवाट की क्षमता के बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं।
शुक्रवार को क्षेत्रीय जनता विद्युत बिलों में सुधार करने को लेकर जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यहां बैठक होने के कारण ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भी यहीं मिल गए। ग्रामीणों ने बिलों में आ रही गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी से की।
इस पर डीएम ने ऊर्जा निगम के ईई को मौके पर बुलाया। ग्रामीणों ने उन्हें खरी-खरी सुनाई। कहा कि पांच माह पूर्व उनके बिजली के बिल 300 से 500 रुपये तक के आते थे, लेकिन अब सभी उपभोक्ताओं को अधिक बिल मिल रहे हैं।
कई बार शिकायत करने पर भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ईई प्रदीप कुमार ने कहा कि मीटर रीडिंग के हिसाब से सभी को बिल भेजे जा रहे हैं। ऑनलाइन सिस्टम के कारण ऊर्जा भवन से ही बिल भेजे जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर ऊर्जा निगम के ईई प्रदीप कुमार व अवर अभियंता ने दोपहर बाद खडोरा गांव में विद्युत मीटर की जांच की। साथ ही बिजली के बिल भी देखे।
उन्होंने ग्रामीणों को शीघ्र बिलों में सुधार का आश्वासन दिलाया। इस मौके पर विरेंद्र सिंह कठैत, विनोद सिंह, उपप्रधान सैन सिंह रावत, सतीश चंद्र, सुरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का सात दिन में करें समाधान
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गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की। निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का सात दिन में निस्तारण करें। संबंधित अधिकारी हर 10 दिन में इसकी समीक्षा करें।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित बैठक में कहा कि अधिकारी शिकायतकर्ताओं से पोर्टल के माध्यम से हर दिन बात भी करें। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर समाधान होने वाली शिकायतें जिला स्तर पर नहीं आनी चाहिए। कहा कि निर्माणदायी संस्थाएं अपने अधीनस्थ इंजीनियरों से नियमित ऑनलाइन मीटिंग करते हुए कार्यों की मॉनीटरिंग करें।
इस अवसर पर एडीएम विवेक प्रकाश, एसडीएम चमोली आरके पांडेय, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी धर्म सिंह आदि मौजूद रहे।