ब्लॉक के उज्जवलपुर-बैनोली मोटर मार्ग पर आटागाड़ गदेरे पर 12 वर्ष बाद भी पुल नहीं बन सका है। पुल न बनने से आठ गांवों के लोगों गदेरे के बीचोंबीच से ही वाहनों को ले जाना पड़ रहा है। स्थिति यह रहती है कि कई बार कार व टैक्सियां गदेरे में फंस जाती हैं तो वाहनों को धक्का देकर गदेरा पार करवाना पड़ रहा है।
जसपुर, ग्वाड़, डुंग्री, शैलेश्वर, उज्ज्वलपुर, बैनोली, मलेठी, नंदासैंण सहित आसपास के गांवों के लोगों को यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2010 में 12 किलोमीटर उज्ज्वलपुर-बैनोली मार्ग स्वीकृत हुई। वर्ष 2015 में इस सड़क पर काम शुरू हुआ और 2019 में यह बनकर तैयार हुआ लेकिन 12 साल बाद भी मार्ग पर आटागाड़ गदेरे पर पुल नहीं बनाया जा सका। अशोक नेगी, सुभाष बिष्ट, पंकज कुमार, रविंद्र कुमार, सुभाष कुमार, मोनू नेगी आदि का कहना है कि पुल न बनने से आटागाड़ गदेरे से आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने जल्द आटागाड़ गदेरे पर मोटर पुल बनाने की मांग की।
कोट
उज्ज्लपुर-बैनोली सड़क पर वर्ल्ड बैंक की ओर 24 मीटर पुल बनाया जाना है। वर्ल्ड बैंक ने पुल निर्माण के लिए डीपीआर बना दी थी लेकिन कोरोनाकाल में धन की कमी के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब फिर से डीपीआर बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। - दिनेश बिजल्वाण, अधिशासी अभियंता लोनिवि गौचर।