प्रदेश के संस्कृति व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार न करने संबंधी बयान पर तीर्थपुरोहितों ने आक्रोश जताया। पुरोहितों ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया और संगम स्थल पर मंत्री का पुतला फूंककर गंगा में विसर्जन किया। साथ ही मुख्यमंत्री से सतपाल महाराज को मंत्रालय से बाहर करने की मांग उठाई।
तीर्थपुरोहितों ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज पर मुख्यमंत्री की अवमानना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पदभार ग्रहण करते ही तीर्थपुरोहितों और हकहकूकधरियों को देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सतपाल महाराज ने जो बयान दिया है वह चिंताजनक और निराशापूर्ण है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों से आर्थिक संकट झेल रहे तीर्थ पुरोहितों व हकहकूक धारियों की सुध लेने के बजाय सतपाल महाराज देवस्थानम बोर्ड को बनाए रखने की जिद पर अड़े हैं। श्री बदरीश युवा पुरोहित संगठन अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी व सचिव श्रीकांत बडोला ने भी सतपाल महाराज के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। कहा कि महाराज की ओर से मंत्रालय संभालते ही प्रदेश में पर्यटन और तीर्थाटन चौपट हो चुका है, जिस कारण इससे जुड़े लोग भूखमरी की कगार पर आ गए हैं। इस मौके पर अशोक टोडरिया, गौरव पंचभैया, श्रीकांत, सत्य नारायण, प्रकाश ध्यानी, नटवरलाल, संतोष, विजय और श्याम लाल आदि मौजूद थे।
हस्तक्षेप कर रहा बोर्ड
देवप्रयाग। देवस्थानम बोर्ड के बाद पिछले वर्ष जहां भगवान बदरी विशाल के कपाट को खोलने के तय मुहूर्त को बदला गया वहीं इस वर्ष नित्य पूजा के समय में भी परिवर्तन किया गया है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ मंदिर में तीर्थपुरोहितों को पूजा करने से रोका जा रहा है। गंगोत्री व यमुनोत्री में पंडा पुरोहितों के अधिकारों में दखल दिए जाने की कोशिश की जा रही है। गढ़वाल क्षेत्र के मुख्य मंदिरों को जबरन देवस्थानम बोर्ड में शामिल किया गया है।
बोर्ड भंग नहीं किया तो सरकार का करेंगे पिंडदान
जोशीमठ। देवस्थानम बोर्ड के एक्ट पर पुनर्विचार न करने के बयान पर बदरीनाथ में ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति ने पर्यटन मंत्री व देवस्थानम बोर्ड के उपाध्यक्ष सतपाल महाराज का पुतला फूंका। उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की। ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष उमेश सती ने कहा कि यदि जल्द बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो 21 जून को ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के लोग बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार का पिंडदान करेंगे। इस दौरान प्रदीप नौटियाल, आनंद सती, मोहित सती, रोहित सती, सौरभ नौटियाल, सागर नौटियाल, हर्षित नौटियाल, गर्व सती, मनोज नौटियाल, अनुज नौटियाल, पुष्पम नौटियाल, चंद्र मोहन नौटियाल और अभिषेक भट्ट सहित कई पुरोहित मौजूद थे। संवाद
देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार नहीं करने से रोष
उत्तरकाशी/बड़कोट। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार नहीं करने संबंधी बयान से रोष है। मंगलवार को दोनों धामों सहित उनके शीतकालीन पड़ावों में पुरोहितों ने मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका।
श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति और गंगा पुरोहित सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि सीएम तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार महाकुंभ के दौरान चारधाम सहित 51 मंदिरों को बोर्ड से बाहर करने की बात कही थी। अब उनके मंत्री इस तरह की बयानबाजी करके पुरोहितों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में सचिव दीपक सेमवाल, सहसचिव राजेश सेमवाल, राकेश, शिव प्रकाश, पवन सेमवाल, दिनेश, कामेश्वर, संपूर्णा, विजय, सुमेरू प्रसाद, मध्यांचल गणेश, सुमन द्रोणाचल रहे। वहीं गंगा मंदिर मुखबा में समिति के अध्यक्ष राजेश सेमवाल के नेतृत्व में पुरोहितों ने मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर सुभाष सेमवाल, सुधांशु सेमवाल, गंगा सेमवाल, मुकेश सेमवाल, धन्नानंद, प्रेम बल्लभ, राकेश, विपिन, पूरण, संतोष सेमवाल, भूपेंद्र, राजेश, विजेंद्री, कैलाशी आदि रहे।
उधर, यमुनोत्री धाम में भी पर्यटन मंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए पुरोहितों ने सीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, लखन उनियाल, राजस्वरुप उनियाल, प्यारे लाल, अमित उनियाल आदि रहे। खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर परिसर में भी पुरोहितों ने मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों में मनमोहन उनियाल, जगमोहन उनियाल, आशुतोष, अंकित, प्रदीप, ममलेश उनियाल आदि शामिल रहे।
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कांग्रेस के सत्ता में आते ही भंग होगा देवस्थानम बोर्ड : भंडारी
गोपेश्वर। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आते ही देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया जाएगा और मंदिरों की व्यवस्था पूर्व की भांति मंदिर समितियों को दे दी जाएगी।
गोपेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री भंडारी ने कहा कि बोर्ड हमारे मंदिरों में सदियों से चली आ रही परंपराओं से भी छेड़छाड़ कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जएगा। सरकार को देवस्थानम बोर्ड की जगह पहले से चली आ रही व्यवस्थाओं को फिर से लागू कर देना चाहिए। कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर ब्रह्म मुहूर्त में खुलते हैं और पूजा अर्चना होती है। जिसको देवस्थानम ने बदलकर सुबह सात बजे कर दिया। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के रविग्राम में हमारी सरकार के समय खेल मैदान बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन अब सरकार इसको हेलीपैड बना रही है। कहा कि अगर ये निर्णय वापस नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।