चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सुबह आठ बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। इस मौके पर मंदिर में पहुंचे करीब चार सौ श्रद्घालुओं ने भोलेनाथ के मुख के दर्शन किए। इन दिनों रुद्रनाथ क्षेत्र में मौसम सुहावना बना हुआ है।
समुद्रतल से 2286 मीटर की ऊंचाई पर खूबसूरत बुग्यालों के मध्य रुद्रनाथ मंदिर स्थित है। यहां भोलेनाथ के मुख की पूजा होती है। मंदिर कपाटोद्घाटन के मौके पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी।
मंदिर के पुजारी प्रयाग दत्त भट्ट ने बताया कि शीतकाल में सात माह भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में और पांच माह रुद्रनाथ मंदिर में होती है।
कैसे पहुंचे रुद्रनाथ मंदिर
जिला मुख्यालय गोपेश्वर से गोपेश्वर-ऊखीमठ मोटर मार्ग पर तीन किमी दूर स्थित सगर नामक स्थान तक मोटर मार्ग तथा आगे रुद्रनाथ पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 19 किमी खड़ी चढ़ाई पैदल पार करनी पड़ती है।