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कर्णप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य राजेंद्र डिमरी ने राजनीतिक दलों से बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिरों को राजनीतिक अखाड़ा न बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी और तीर्थयात्रियों सहित स्थानीय लोगों का मनोबल टूटेगा। डिमरी ने बताया कि दान चढ़ावा चोरी प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच चल रही है। दोषियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देहरादून में मंदिर समिति का कार्यालय शहर से दूर था। इससे कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को कठिनाई हो रही थी। सभी सदस्यों की सहमति से कार्यालय को ऋषिकेश में पर्यटन विभाग के भवन में स्थानांतरित किया गया है। यहां सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने से तीर्थयात्रियों को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। मंदिर समिति सतर्कता बरतते हुए सभी व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। संवाद