लंगसी व ह्यूणा गांव के प्राथमिक विद्यालय भवन जीर्णशीर्ण होने व शिक्षा अधिकारियों द्वारा कभी भी क्षेत्र में भ्रमण न किए जाने की शिकायत पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यालयों की नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। डीएम ने इसके लापरवाही मानते हुए चेताया कि अगर क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा तो संबंधित अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
शनिवार को जोशीमठ विकासखंड के द्वींग गांव में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन हुआ। इस दौरान 55 समस्याएं उठी। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में लंगसी तथा ह्यूणा गांव के प्राथमिक विद्यालय भवन जीर्णशीर्ण होने तथा शिक्षा अधिकारियों द्वारा कभी भी क्षेत्र में भ्रमण न किए जाने की शिकायत पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी के वेतन आहरण पर रोक लगा दी। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने सड़क, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, देवी आपदा में क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग, भूमि का मुआवजा न मिलने से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की। शिविर में आठ दिव्यांगों को शारीरिक परीक्षण के बाद प्रमाणपत्र दिए गए। डीएम ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को उर्गम-पल्ला, हेलंग-डुमक और गोविंदघाट-पुलना मोटर मार्ग पर अवशेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। लंगसी-गुलाबकोटी मोटर मार्ग के प्रभावित काश्तकारों ने मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई, जिस पर लोनिवि के ईई डीएस रावत ने कहा कि सोमवार को तहसील जोशीमठ में सभी प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। शिविर में होम्योपैथिक के स्टॉल पर 26, एलोपैथिक में 34 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाईयां वितरित की गई।