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कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर जीआईसी लंगासू के परिसर में 1991 और 1993 में बने दो जर्जर भवन छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। एक भवन के बीम लटके और लिंटर झुके हुए हैं जबकि दूसरा भी बदहाल है। परिसर के बीच स्थित होने के कारण यहां हर वक्त हादसे की आशंका बनी हुई है। शिक्षकों और अभिभावकों ने भवन को जल्द तोड़ने की मांग की। अभिभावक यशवंत असवाल और प्रधान साक्षी असवाल ने बताया कि लोनिवि कर्णप्रयाग से इन्हें तोड़ने (डिस्मेंटल) की कई बार मांग कर चुके हैं। प्रधानाचार्य आरएस राणा ने कहा कि लोनिवि को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं लेकिन इसका संज्ञान अभी तक नहीं लिया गया। वहीं लोनिवि के सहायक अभियंता अमित चौहान ने बताया कि निरीक्षण के बाद एक अति जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है जबकि दूसरे के परीक्षण के लिए विद्यालय प्रबंधन को एजेंसी से जांच कराने की सलाह दी गई है। संवाद