सूर्य देवभूमि चैलेंज के तहत दूसरे दिन कलगोठ से मंडल पहुंचे धावक
रुद्रनाथ जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र से होकर आए धावक, खड़ी चढ़ाई और दुर्गम रास्तों को किया पार
गोपेश्वर। भारतीय सेना की ओर से आयोजित की जा रही सूर्य देवभूमि चैलेंज प्रतियोगिता के दूसरे दिन प्रतिभागी कलगोठ गांव से मंडल पहुंचे। दूसरे दिन सबसे आकर्षक रही चमोली जिले के युवक की दौड़ जिसने उच्च हिमालयी क्षेत्र में चढ़ाई और दुर्गम मार्गों से होते हुए मात्र चार घंटे में 39 किमी की दौड़ को पूरा कर लिया। पहले दिन प्रतिभागियों ने ज्योतिर्मठ के पास हेलंग से कलगोठ तक करीब 36 किमी का सफर तय किया। दूसरे दिन की दौड़ कलगोठ से सुबह छह बजे आरंभ हुई। कलगोठ से डुमक और वहां से रुद्रनाथ तक की खड़ी चढ़ाई के बाद धावक जंगली रास्तों से अंसूया माता मंदिर होते हुए हुए मंडल पहुंचे। चमोली जिले के लासी गांव निवासी दिगंबर सिंह कुंवर मात्र दो घंटे में कलगोठ से रुद्रनाथ पहुंच गया और अगले दो घंटे में वह मंडल स्थित दूसरे दिन के फिनिश प्वाइंट पर पहुंच गया। दिगंबर के रिकार्ड समय पर दौड़ पूरी करने से स्थानीय लोगों के साथ आयोजक भी हैरान रह गए। जिस मार्ग पर लोगों को सामान्य तरीके से भी नहीं चल पाते वहां दिगंबर दौड़ते हुए जा रहे थे। रुद्रनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आक्सीजन लेवल भी कम होता है। थोड़ा तेज चलने में यहां सांस फूलने लगती है। लासी के पूर्व ग्राम प्रधान नयन कुंवर ने बताया कि दिगंबर फिजिकल फिट है, नशे से दूर रहता है। वह हर खेल में आगे रहता है। ग्राम प्रधान सहित पूरे गांव के लोगों ने दिगंबर के इस शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की है।