बदरीनाथ। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने बदरीनाथ धाम में बुधवार से सत्यनारायण की कथा आरंभ कर दी है। उन्होंने पहले दिन बदरीनाथ की महिमा के बारे में बताया। कथा सुनने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच गए हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि साधना का फल राष्ट्र के लिए समर्पित है। यह देश और सनातन के काम आए यही हमारी कामना है। 21 दिन की साधना में कई तरह के अनुभव हुए हैं। उनको कथा के दौरान बीच-बीच में बताते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नर-नारायण पर्वत की परिक्रमा के दौरान वह मौत के मुंह से बचकर आ गए। यह सारे अनुभव भक्तों को सुनाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने बदरीनाथ धाम में 21 दिन की साधना की। साधना संपन्न होने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने 13 घंटे पैदल चलकर नीलकंठ पर्वत के किनारे से नारायण पर्वत की परिक्रमा की। खड़ी चढ़ाई कठिन मार्ग पर चलते हुए वे मौत के मुंह से निकलकर आए हैं। प्रशासन के सहयोग से देवताल भी गए। संवाद
बदरीनाथ में कथा स्थल के लिए जाते बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री। स्रोत: जागरुक पाठक