चमोली जिले के सबसे दूरस्थ डुमक, कलगोठ, पल्ला और जखोला गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के दौरान चट्टान काटने के लिए पीएमजीएसवाई की कंप्रेशर मशीन अपने कंधे पर उठाकर सड़क कटिंग स्पॉट पर तो पहुंचाई, लेकिन अभी तक यहां चट्टान कटिंग कार्य पूरा नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि डुमक और कलगोठ गांव के ग्रामीणों को गंतव्य तक जाने के लिए लगभग बीस किलोमीटर की पैदल दूरी नाप रहे हैं।
वर्ष 2010 में उर्गम से पल्ला गांव तक सवा तीन किमी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन चट्टानी भाग होने के कारण आज तक लोनिवि की ओर से सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। इससे आगे पल्ला से डुमक गांव तक पीएमजीएसवाई आपदा की साढ़े 16 किमी सड़क स्वीकृत है। ग्रामीणों ने चट्टान की कटिंग के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ कंप्रेशर मशीन को आठ किमी तक अपने कंधे पर उठाकर सड़क कटिंग स्पॉट तक पहुंचाया, लेकिन चट्टान काटने के लिए पीएमजीएसवाई को ठेकेदार ही नहीं मिल रहे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि चट्टान कटिंग में मेहनत अधिक है। पीएमजीएसवाई की ओर से वर्ष 2018 में एक बार और वर्ष 2019 में दो बार चट्टान कटिंग के लिए टेंडर निकाले, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने सड़क कटिंग के लिए विभाग के साथ अनुबंध नहीं किया। क्षेत्र पंचायत सदस्य रोशनी देवी, प्रधान विमला देवी, वीरा देवी, पुष्पा, मोनिका और भगत सिंह झिंक्वाण ने शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग को लेकर डीएम को भी ज्ञापन सौंपा है।
पीएमजीएसवाई की ओर से ठेकेदार के साथ चट्टान पर सड़क कटिंग कार्य के लिए अनुबंध हो गया है। उर्गम-पल्ला सड़क पर कार्य चल रहा है। बेहद मजबूत चट्टान होने के कारण यहां कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं। डुमक सहित अन्य गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। - डीएस रावत, ईई, लोनिवि, गोपेश्वर, चमोली।