तीन दिन पहले बालखिला नदी में संदिग्ध परिस्थिति में मृत मिले किशोर की मौत की जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। यहां डीएम के नहीं मिलने पर ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और एसपी यशवंत सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। एसपी ने ग्रामीणों को घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया। यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
13 फरवरी को गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग पर गैर पुल के पास बालखिला नदी में मंडल घाटी निवासी एक किशोर संदिग्ध अवस्था में मृत मिला था। पुलिस की ओर से प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या बताया गया जिस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। डीएम के बहुउद्देश्यीय शिविर में होने पर उन्होंने कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उसके बाद ग्रामीण एसपी कार्यालय गए। लोगों ने एसपी को भी ज्ञापन दिया, जिसमें कहा गया कि 12 फरवरी की रात को एक किशोरी ने उसे अपने घर बुलाया था, पुलिस की जांच में भी यह बात सामने आई है कि किशोर उसके घर पर रात तीन बजे तक रुका था। उसके बाद वह कहां गया, किसके साथ था, क्या हुआ इन सब पहलुओं की जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि तीन दिन में मामले का खुलासा नहीं होता है तो वह उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं देर शाम किशोर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई जिसमें फेफड़ों में पानी भरने और अत्यधिक ठंड लगने से मौत की पुष्टि हुई है। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह नेगी, योगेंद्र सेमवाल, सुरमा देवी, लक्ष्मी, ग्वाड़ गांव के प्रधान नीरज बिष्ट, देवेंद्र सिंह बिष्ट, कमलेश बिष्ट, सतेंद्र रावत और मीना रावत सहित बड़ी संख्या में विभिन्न गांवों के लोग मौजूद थे।