राजकीय पेंशनर्स संगठन ने अटल आयुष्मान योजना के तहत पेंशन से की जा रही भारी कटौती के विरोध में गोपेश्वर बस स्टेशन पर प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पेंशन से कटौती बंद करने की मांग की। वहीं कर्णप्रयाग तहसील में भी पेंशनर्स ने प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन चमोली शाखा ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अटल आयुष्मान योजना के तहत पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से उपचार के नाम पर बहुत ज्यादा कटौती की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के अन्य नागरिकों की भांति पेंशनरों को भी निशुल्क पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा देने की मांग उठाई। कहा कि जो पेंशनर्स असीमित चिकित्सा उपचार चाहते हैं उनकी सहमति के बाद ही पेंशन से कटौती की जाए। कहा कि यदि 25 फरवरी तक उनकी इस मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे मंत्रियों और विधायकों का घेराव करेंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट, हरि प्रसाद ममगाईं, आरपी पंत, शिव सिंह नेगी, हर्षपति चमोली आदि शामिल थे।
वहीं सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन शाखा गौचर के सदस्यों ने कर्णप्रयाग तहसील में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, सचिव रोजेंद्र मैखुरी, संरक्षक चंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सुदामा सिंह, महेंद्र सिंह, यशराज सिंह, रघुनंदन आर्य और नारायण चौधरी ने नारेबाजी कर कहा कि सरकार जबरन उनकी पेंशन में कटौती कर रही है, जिसका विरोध किया जाएगा।
उत्तरकाशी में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने कटौती बंद करने व पेंशनर्स को भी आम नागरिकों की भांति पांच लाख तक के गोल्डन कार्ड बनाकर निशुल्क उपचार मुहैया कराने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष बुद्धि सिंह कुमाईं, सचिव वृषोदर चमोली, तेजेंद्र बिष्ट आदि शामिल थे।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
नई टिहरी/नरेंद्रनगर। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर संगठन ने आयुष्मान और गोल्डन कार्ड के नाम पर मेडिकल सुविधा देने का बहाना बनाकर पारिवारिक पेंशन से प्रति माह कटौती करने पर रोष जताया है। संगठन से जुड़े लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सीएम को ज्ञापन भेजा। उधर नरेंद्रनगर में संगठन ने विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस निकाला। संगठन के सचिव शूरवीर सिंह चौहान ने कहा कि उच्च वेतनमान और निम्न वेतनमान प्राप्त करने वालों की कटौती समान रूप से की जा रही है, जो असंवैधानिक है। कटौती जल्द वापस नहीं ली गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष प्रेम सिंह वनगाईं, सचिव सीपी डबराल और नरेंद्रनगर में कोषाध्यक्ष जबर सिंह पंवार, धर्म सिंह चौहान, हर्षमणि भट्ट, हृदयराम सेमवाल, गुरु प्रसाद बिजल्वाण और सुंदर सिंह रावत आदि शामिल थे।
गोल्डन कार्ड बनाए बिना वेतन कटौती से आक्रोश
पौड़ी। गोल्डन कार्ड बनाए बिना वेतन में कटौती करने से कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन से की गई कटौती को जल्द ही वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार व कोषाधिकारियों के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी।
मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी फेडरेशन के जिलाध्यक्ष रेवतीनंदन डंगवाल व कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जसपाल सिंह रावत ने कहा कि पौड़ी के कई शिक्षकों व कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, लेकिन वेतन से कटौती शुरू हो गई है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा कि गोल्डन कार्ड के तहत अस्पतालों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल संघ के अध्यक्ष सीताराम पोखरियाल ने कहा कि कार्मिकों व पेंशनरों के लिए गोल्डन कार्ड बनाया जाना ऐच्छिक होने चाहिए। इस मौके पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजपाल बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ मेहरबान सिंह भंडारी, भवान नेगी, अजीत रावत, निर्मला थापा, इमरान हुसैन, संजय नेगी, कुलदीप राणा, भरत नेगी, मंगल सिंह, संग्राम सिंह, आनंद सिंह लिंगवाल, बसुलाल, नरेश, मनोज काला, मनबर रावत, गौरव लिंगवाल, धर्म सिंह रावत आदि शामिल थे।