देवाल। उत्तराखंड कामगार यूनियन संगठन ने सीएम को ज्ञापन भेजकर भोजनमाताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की।
सीटू के जिला संयोजक मदन मिश्रा ने कहा कि लंबे समय से संघर्षरत रहने के बाद भी भोजनमाताओं को न राज्य कर्मचारी घोषित किया गया और न ही न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। कहा कि सरकार ने पांच हजार मानदेय देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक यह पूरी नहीं हुई। बैठक में भोजनमाताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने, प्रदेश में कार्यरत सभी कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा व न्यूनतम मानदेय 24 हजार देने, भोजनमाताओं को न हटाने, विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने पर उन्हें अन्यत्र संबद्ध करने, जून माह का मानदेय देने व सेवानिवृति पर दो लाख रुपये प्रोत्साहन देने की मांग की गई। बैठक में भोजनमाताओं का सम्मेलन 16 जुलाई को करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर बैजंती देवी, गजेसिंह बिष्ट, कुंदन परिहार, देवराम वर्मा, मदुली देवी, कांति देवी, आनंदी, धनुली, विमला, धन्ना देवी और राधा देवी आदि मौजूद थे। संवाद