नारायणबगड़। विकासखंड के पंती गदेरे में सुरक्षा कार्य नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। कहा कि बीते जुलाई माह में पंती गदेरे के उफान पर आने से ग्रामीणों के खेत बह गए। साथ ही 33केवी के बिजली सब स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा। यही नहीं पंती गांव भी खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों ने यहां सुरक्षा कार्य कराने की मांग उठाई।
विनोद मेहरा, बिरेंद्र रौतेला, मनमोहन सिंह नेगी ने कहा कि बीते जुलाई माह में तत्कालीन एसडीएम अबरार अहमद ने बाढ़ की रोकथाम के लिए सिंचाई विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए थे लेकिन पांच महीने बाद भी बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं हो पाए। कहा कि गदेरे में बहकर आए बोल्डरों से आगामी बरसात में खतरा बन सकता है। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शुभम डोभाल ने बताया कि पंती गदेरे के दोनों छोर पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों का 18 लाख का इस्टीमेट स्वीकृति के लिए जिला खनीज न्यास को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर बाढ़ सुरक्षा के काम शुरू कर दिए जाएंगे। संवाद