भाकपा की जिला इकाई और स्थानीय लोगों ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। मूल निवास और सशक्त भू-कानून को लेकर सीमांत क्षेत्र में भी सक्रियता बढ़ने लगी है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला इकाई और स्थानीय लोगों ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। उन्होंने उत्तराखंड में 1950 के मूल निवास कानून को लागू करने की मांग की।
कहा कि वर्ष 1950 कानून के तहत निर्धारित था कि जो व्यक्ति जिस राज्य में निवास कर रहा था वो वहीं का मूल निवासी होगा लेकिन उत्तराखंड में दोहरा मापदंड अपनाया गया। यहां के लोगों पर जबरन स्थायी निवास की व्यवस्था थोप दी गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून होना चाहिए। वर्ष 2018 में प्रदेश सरकार के संशोधित भू-कानून को तत्काल रद्द करते हुए ऐसा कानून लाया जाए जिससे राज्य के लोगों की कृषि भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाई जा सके। ज्ञापन देने वालों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव भरत सिंह कुंवर, प्रताप सिंह राणा, दलीप सिंह, भरत सिंह, हरक सिंह, प्रदीप भंडारी और बचन सिंह आदि लोग शामिल रहे।
नरेंद्र को बनाया संघर्ष समिति का जिला प्रभारी
ज्योतिर्मठ। मूल निवास भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की ओर से नरेंद्र सिंह रावत को चमोली जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया जबकि लक्ष्मण सिंह बुटोला को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों मूल निवास और भू-कानून के लिए किए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने कहा कि जल, जंगल व जमीन और यहां की संस्कृति को बचाने के लिए वे क्षेत्र के लोगों को जागरूक करेंगे। साथ ही लोगों को संघर्ष समिति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।