दीपावली का पर्व गढ़वालभर में हर्षोल्लास से मनाया गया। लोगों ने घरों को लड़ियों और दीयों से जगमग किया और मंदिरों में पूजा-अर्चना की। लोगों ने घरों में विभिन्न तरह के पकवान और मिठाइयां भी बनाईं। शाम को मां लक्ष्मी का पूजन किया गया और इसके बाद पटाखे जलाए गए। देर रात तक लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की। वहीं बदरी-केदार में भी दीपों का पर्व श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने अच्छे से मनाया। श्रद्धालुओं ने यहां आतिशबाजी भी की।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय सहित केदारनाथ मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। मंदिर के चारों तरफ दीपक भी जलाए गए। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी दीपावली का पर्व मनाया गया। तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, फाटा, मयाली, जखोली में भी दीपावली की रौनक रही।
चमोली जिले में गोपेश्वर नगर के साथ ही जोशीमठ, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, पोखरी, नंदानगर क्षेत्रों में भी लोगों ने घरों को लड़ियों से सजाया। बदरीनाथ धाम में स्थानीय लोगों और दर्शन करने आए लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में दीपक जलाए गए। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल व आचार्यों ने बदरीनाथ, माता लक्ष्मी, गणेश, घंटाकर्ण की विशेष पूजा अर्चना की।
एसपी चमोली श्वेता चौबे ने गोपेश्वर थाने में पुलिस कर्मियों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन नताशा सिंह के अलावा पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कर्णप्रयाग, लंगासू, नौटी, नंदासैंण आदि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने पटाखे फोड़े और लक्ष्मी माता की पूजा की।
गैरसैंण सहित मेहलचौरी, माईथान, रोहिड़ा कस्बों में दीपावली धूमधाम से शांतिपूर्वक मनाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने गोवंश को फूल माला पहनाकर उनकी पूजा की।
श्रीनगर, देवप्रयाग, कीर्तिनगर सहित ग्रामीण इलाकों में भी जमकर आतिशबाजी की गई।
लोक परंपरा : भैलो खेलकर मनाई दीपावली
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने एक-दूसरे को स्वांले उपहार स्वरूप दिए
मान्यता है कि इस नृत्य से नकारात्मक शक्तियों का होता है नाश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी/आदिबदरी/पौड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने भैलो (चीड़ की लड़की पर मशाल बनाकर) खेलकर दीपावली मनाई। लोगों ने एक-दूसरे को स्वांले (गहत की दाल की भरी पूरी), उड़द के पकोड़े और उपहार दिए।
पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से दीपावली मनाने के लिए भैलो खेलने का रिवाज है। जिला मुख्यालय नई टिहरी, चंबा, बीपुरम, धनोल्टी, थत्यूड़, चाका, गजा, नरेंद्रनगर, लंबगांव, प्रतापनगर, जाखणीधार, घनसाली और चमिायाला आदि क्षेत्रों में भी दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
वहीं आदिबदरी मंदिर समूह को दीपों से सजाया गया। इस अवसर पर चैकोस्लावाकिया से आए विदेशी पर्यटकों ने आदिबदरी मंदिर में पूजा की। भलसों गांव की भैलो नृत्य टोली गाजे-बाजे के साथ सिद्धि धात्री मंदिर में पहुंची और भैलो नृत्य शुरू हुआ। जलते मशालों के साथ देर रात तक यह नृत्य हुआ। जुलगढ, मैतोली कुमखोडी, थालधार, खाल सहित कई गांव के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
जिला मुख्यालय पौड़ी व राठ क्षेत्र में लोगों ने भैलो नृत्य के साथ दीपावली मनाई। जिला अस्पताल के समीप स्थानीय लोगों ने भैलो नृत्य किया। इस नृत्य में चीड़ के पेड़ की लकड़ी को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर गठ्ठर बनाकर रस्सी से बांधा जाता है। इसके बाद उसे में आग लगाई जाती है। लोग इसे घुमाकर ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया जाता है। मान्यता है कि इस नृत्य से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, आयोजक मंगल सिंह नेगी राठी, प्रदीप रावत आदि मौजूद रहे। दूसरी ओर राठ क्षेत्र के कई गांवों में दीपावली के मौके ग्रामीण ढोल-दमाऊ और मसकबीन की धुन पर भैलो नृत्य कर झूमते नजर आए।
तीन लोग झुलसे
पौड़ी। दीपावली पर पटाखे जलाने से तीन लोग हल्के झुलस गए। उनको जिला अस्पताल पौड़ी ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
बच्चों को चॉकलेट बांटकर मनाई दिवाली
उत्तरकाशी। दिवाली पर जिलेभर में लोगों ने घरों में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सुख और समृद्धि की कामना की। वहीं बाजार चौकी प्रभारी प्रकाश राणा के नेेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने ज्ञानसू झुग्गी बस्ती के बच्चों को चॉकलेट और मिठाई बांटकर दिवाली मनाई। सोमवार सुबह से ही उत्तरकाशी मुख्य बाजार में लोग दिवाली खरीदारी के लिए उमड़े। यहां रामलीला मैदान में सजी पटाखों की दुकानों से बच्चों और युवाओं ने जमकर पटाखे खरीदे। वहीं शाम ढलते ही पूरा शहर रोशनी से रोशन हुआ। इस दौरान लोगों ने अपने घर और आंगन को बिजली की झालरों, दीयों और मोमबत्ती से रोशन किया। इधर,