गैरसैंण में संपन्न प्रदेश प्रधान संगठन के चुनावों में निर्वाचित सदस्य।
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ऊधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष भाष्कर सम्मल को सर्वसम्मति से प्रधान संगठन का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इस दौरान नव निर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर एक राज्य एक चुनाव कराने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, पंचायती राज एक्ट लागू करवाने, जल जीवन मिशन में ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाने, मनरेगा में शोसल ऑडिट संस्था से न कराने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
चमोली के प्रधान संगठन अध्यक्ष मोहन नेगी की अध्यक्षता में चुनाव प्रभारी प्रकाश माहरा और सहप्रभारी बृजपाल रजवार की देखरेख में प्रदेश संगठन के चुनाव में 11 जिलों के प्रधान संगठनों के जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। उत्तरकाशी के प्रताप रावत ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए ऊधमसिंह नगर के भाष्कर सम्मल के नाम का प्रस्ताव किया, जिसका अनुमोदन नैनीताल के हीराबल्लभ बधानी ने किया। उसके बाद सर्वसमति से प्रदेश कार्यकारणी का गठन कर नैनीताल के मनोहर आर्य को प्रदेश संरक्षक, बागेश्वर के नीरज नेगी को सहसंरक्षक चुना गया। देहरादून के मीनू क्षत्रीय, चंपावत की सरिता अधिकारी व खीमानंद बिनवाल, मनोज पलड़िया, हरिद्वार के रूपेश चौहान, अल्मोडा के नीमा देवी को प्रदेश उपाध्यक्ष प्रधान बनाए गए।
उत्तरकाशी के प्रताप रावत व चमोली के मोहन नेगी, बागेश्वर के हिमांशु खाती व पिथौरागढ़ के कुंदन सिंह प्रदेश महामंत्री बने। मुकेश जोशी, ललित सुयाल, कृष्णा पांडे, शेखर दानी, गोपाल तिवाड़ी को प्रदेश सचिव तथा गोवर्धन बरमोला को संगठन सचिव, धीरेंद्र गैलाकोटी को कोषाध्यक्ष, मोहन देवली को विधिक सलाहकार और उत्तरकाशी के महेंद्र पोखरियाल को प्रवक्ता चुना गया। नव निर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि 15 दिन के भीतर प्रदेश कार्यकारणी का विस्तार किया जाएगा।