लगातार हो रही बारिश के बीच अनहोनी के डर से रैणी गांव के लोग छानियों में रहने को मजबूर हैं। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गांव के निचले हिस्से में धोली गंगा नदी से भू-धंसाव हो रहा है। वहीं, ऊपर पहाड़ से भूस्खलन हो रहा है। गांव में भोटिया जनजाति के करीब 90 परिवार रहते हैं।
14 जून को मलारी हाईवे के क्षतिग्रस्त होने से गांव के कई भवनों में दरारें आ गई थीं। खेत भी भूस्खलन की चपेट में हैं। शनिवार को बारिश से ऋषि गंगा का जलस्तर बढ़ गया। इसे देख रैणी गांव के अधिकांश परिवार घरों को छोड़ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई परिवार छानियों में रह रहे हैं। ग्राम प्रधान भवान सिंह राणा का कहना है कि गांव में कई घरों में दरारें पड़ गई हैं। इधर, जोशीमठ के तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि ग्रामीणों के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय और हाईस्कूल रैणी में रहने की व्यवस्था की गई है। कुछ परिवार शनिवार को यहां पहुंचे। स्कूलों में रजाई, गद्दे की पर्याप्त व्यवस्था है।