गोपेश्वर। चमोली जिले में गेहूं की फसल पर क्रॉप कटिंग प्रयोग शुरू हो गया है। राजस्व विभाग की टीम जिले के अलग-अलग जगह पर क्रॉप कटिंग प्रयोग कर उत्पादन के आंकड़े जुटा रही है। इन आंकड़ों के आधार पर औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं। इसी के आधार पर नुकसान होने पर किसानों को बीमा योजना का लाभ मिलता है।
डीएम स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर कर्णप्रयाग तहसीलदार सोहन सिंह रांगड के नेतृत्व में राजस्व टीम ने गौचर के पास कमेड़ा गांव में क्रॉप कटिंग कर प्रयोग किया। इसमें खेत में 30 वर्गमीटर प्लाट बनाकर उसमें उत्पादित फसल के बीज को लिया जाता है, जिसे 15 दिनों तक सूखने के लिए रखा जाता है। इसके बाद दानों को तोलकर उत्पादन की गणना की जाती है। इसके आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति एवं फसल बीमा की राशि की गणना और विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गणना भी की जाती है।