जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की अदालत ने किशोरी से जबरन यौन संबंध बनाने और बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में अभियुक्त को दो अलग-अलग धाराओं में 13 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अभियुक्त प्रदीप कुमार तीन अगस्त 2013 को एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। तब किशोरी 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। किशोरी के पिता ने संबंधित पटवारी क्षेत्र में पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई।
डीएम ने मामले की विवेचना रेगुलर पुलिस चमोली को सौंप दी, जिसके बाद पुलिस ने दिसंबर 2013 में किशोरी को चमोली में युवक के कब्जे से बरामद किया। पता चला कि दोनों के पहले से शारीरिक संबंध थे और किशोरी ने 29 अक्तूबर 2013 को ही एक बच्चे को जन्म भी दिया था।
पुलिस ने युवक के विरुद्ध किशोरी से जबरन यौन संबंध बनाने और भगाने का मामला दर्ज कर युवक को न्यायालय मेें पेश करने के बाद जेल भेज दिया। सोमवार को मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड इसके साथ ही 10 साल की सजा और 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया। न्यायाधीश के आदेशानुसार अभियुक्त की दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।