विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल शुक्रवार को गैरसैंण पहुंचे और भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन विधानभवन सहित अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि देहरादून में सचिवालय और विधानसभा का निर्माण तर्कसंगत नहीं है।
देहरादून विकसित शहर है और देहरादून में राजधानी से संबंधित कोई निर्माण करना ठीक नहीं होगा। कुंजवाल ने कहा कि राज्य की भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण ही राजधानी बननी चाहिए।
भराड़ीसैंण पहुंचे स्पीकर कुंजवाल ने निर्माण स्थल तक पानी की लाइन न पहुंचने पर जलनिगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि जब तक लाइन निर्माण के लिए वन अधिनियम का मामला निपटता है तब तक विदेशी पशु प्रजनन केंद्र की लाइन के समानांतर (पशुप्रजनन पेयजल लाइन की भूमि से) पेयजल लाइन का निर्माण किया जाए।
वहीं वन अधिनियम मामलों के नोडल अधिकारी को पेयजल लाइन के मामले को जल्द हल करने के लिए फोन पर निर्देशित किया। कुंजवाल ने कहा कि भराड़ीसैंण में स्वीकृत सचिवालय निर्माण के लिए विदेशी पशु प्रजनन केंद्र की गोशालाओं को नहीं हटाया जाएगा।
इस दौरान सारकोट, परवाड़ी सहित भराड़ीसैंण के आसपास के ग्रामीणों ने गांव के पेयजल स्रोतों के संरक्षण की मांग विधानसभा अध्यक्ष से की। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, जीएमवीएन के निदेशक सुरेश कुमार बिष्ट, पूर्व प्रमुख एसएस नेगी, सोबन सिंह, ओपी बहुगुणा, राम सिंह रावत, पुष्कर कोल्खी, एसडीएम केएस नेगी, रेंजर पीएस बुटोला और जलनिगम के अधिशासी अभियंता एसएन बर्नवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।