भाजपा सरकार की ओर से हाल ही में भंग बदरी-केदार मंदिर समिति सहित अन्य समितियों को लेकर कांग्रेस कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। मंगलवार को यहां पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक भावनाओं से ग्रसित होकर भाजपा ने समय से पहले ही समितियों को भंग किया है। उन्होंने गैरसैंण को लेकर भी भाजपा को अपना रुख साफ करने को कहा।
यहां पत्रकार वार्ता में पीसीसी उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जनादेश का सम्मान करती है। उनकी पार्टी प्रदेश सरकार को जनहित और विकास कार्यों के लिए छह माह का समय देती है। यदि विकास योजनाएं बढ़ीं तो कांग्रेस सरकार के कार्यों का समर्थन करेगी लेकिन जनविरोधी काम हुए तो छह माह बाद कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। बिष्ट ने कहा कि भाजपा गैरसैंण मुद्दे पर स्पष्ट नहीं है।
इससे पूर्व जोत सिंह बिष्ट ने कार्यकर्ताओं की बैठक लेते हुए एकजुट होकर पार्टी हित में काम करने के लिए कहा। साथ ही 2018 में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर तैयारी करने की बात कही। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट, गैरसैंण जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, नगर अध्यक्ष हरीश सती, संजय रावत, गौतम मिंगवाल, गौचर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, विजय डिमरी, लक्ष्मण पटवाल, सुनील चमोली आदि मौजूद थे।
86 कार्यकर्ताओं को दिया स्थान
कर्णप्रयाग। कांग्रेस ने गैरसैंण में जिला इकाई का विस्तार करते हुए संगठन में 86 कार्यकर्ताओं को जगह दी है। नगर से शिशुपाल लाल को उपाध्यक्ष और महेश खंडूड़ी को महामंत्री की जिम्मेदारी देते हुए 14 उपाध्यक्ष और 19 महामंत्री बनाए गए हैं। 17 संगठन सचिव, 3 प्रवक्ता, 19 प्रचार सचिव के अलावा 11 को विशेष आमंत्रित सदस्यों में शामिल किया गया है। पांच महिलाओं को पदाधिकारी बनाया गया है।