गोपेश्वर महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने एक घंटे तक चमोली-गोपेश्वर मोटर मार्ग जाम किया। छात्रों ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। इसके बाद छात्र संघ पदाधिकारियों का क्रमिक अनशन आमरण अनशन में तब्दील हो गया। छात्र संघ अध्यक्ष अनूप नेगी, विवि प्रतिनिधि भगत सिंह और मिथलेश फस्त्रवाण आमरण अनशन पर बैठे।
31 मार्च से महाविद्यालय के छात्र कालेज में संस्कृत, भूगर्भ विज्ञान, इतिहास और सैन्य विज्ञान में प्रवक्ताओं के पद सृजित करने, पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी दूर करने, आधुनिक प्रयोगशाला निर्मित करने, जिम हॉल का जीर्णोद्धार करने, बीबीए विभाग को राज्य पोषित करने और महाविद्यालय में माईक्रो बायोलॉजी व बायो टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम खोने की मांग कर रहे हैं। मांगों पर कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को आंदोलनरत छात्रों ने दोपहर बारह से चमोली-गोपेश्वर मोटर मार्ग जाम कर दिया।
जाम के कारण यहां वाहन फंसे रहे और लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना पर मौके पर पहुंचे गोपेश्वर थाने के थानाध्यक्ष कुंदन राम ने छात्रों को किसी तरह समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद दो छात्र आमरण अनशन पर बैठ गए। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूर्य प्रकाश पुरोहित, अभिषेक सिंह, मोहित, मान सिंह, पूनम, कल्पना, शिवानी और ज्योति आदि मौजूद थे।
छात्रों की मांगें उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर की हैं। मांगों को लेकर निदेशालय से पत्राचार किया जा रहा है। आंदोलनरत छात्रों से आंदोलन स्थगित करने के लिए वार्ता की गई, लेकिन छात्र नहीं मानें।
डा. पीएस मखलोगा, प्राचार्य, पीजी कॉलेज गोपेश्वर।