कोरोना संक्रमण के कारण साढ़े आठ माह से बंद महाविद्यालय मंगलवार को खुले लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम ही रही। हालांकि छात्र-छात्राओं के आने से कॉलेजों में खूब चहल-पहल रही। कॉलेजों की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग के बाद छात्र-छात्राओं को कक्षाओं को प्रवेश दिया गया। छात्र-छात्राओं को अभिभावकों से लिखित में कॉलेज आने का अनुमति पत्र लाना अनिवार्य किया गया है।
गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस (राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय) गोपेश्वर में पहले दिन करीब 250 छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। हालांकि महाविद्यालय की तरफ से अभी सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को बुलाया जा रहा है जो प्रयोगात्मक विषय वाले हैं। पहले दिन जहां एक तरफ कक्षाओं का संचालन हुआ वहीं कई छात्र-छात्राएं अंक तालिका लेने भी पहुंचे। मीडिया प्रभारी डा. डीएस नेगी ने बताया कि महाविद्यालय में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन सिर्फ प्रयोगात्मक विषय के छात्र-छात्राओं को ही बुलाया गया है। अन्य विषयों के छात्र-छात्राओं को भी धीरे-धीरे बुलाया जाएगा। राज्य के बाहर से आने वालों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाना जरूरी है।
कर्णप्रयाग पीजी कॉलेज में पहले दिन सिर्फ पांच प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। वहीं, गैरसैंण, तलवाड़ी, नारायणबगड़, नंदासैंण आदि कॉलेजों में भी काफी कम छात्र-छात्राएं पहुंचे। प्रोफेसर रमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि मंगलवार को सिर्फ पांच प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही आए।
अभिभावकों का सहमति पत्र न होने पर लौटाए छात्र
नई टिहरी। नई टिहरी पीजी कॉलेज में पहले दिन सिर्फ 15 छात्र-छात्राएं पहुंचे जो आई कार्ड बनाने और प्रवेश फार्म जमा करने पहुंचे थे। प्राचार्य डा. रेनू नेगी ने बताया कि पढ़ाई के लिए छात्रों के बैच तैयार किए गए हैं। 20 से अधिक विद्यार्थी एक कक्षा में नहीं बैठेंगे। बालगंगा महाविद्यालय में 18 छात्र-छात्राएं पहुंचे। कई छात्र-छात्राओं के पास अभिभावकों का सहमति पत्र न होने के कारण उन्हें बैरंग लौटा दिया गया। प्राचार्य डा. शिवदयाल जोशी ने बताया कि पहले दिन छात्रों को कोरोना संक्रमण नियमों की जानकारी दी गई। कमोवेश यही स्थिति लंबगांव महाविद्यालय में भी रही। समिति संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचे। प्राचार्य डा.हितेश कुमार जोशी ने बताया कि पहले दिन बीएससी जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान की कक्षाएं शुरू की गईं। ब्यूरो
थलीसैंण : पहले दिन पहुंचे मात्र तीन छात्र
पौड़ी। राजकीय महाविद्यालय थलीसैंण में कक्षाओं का संचालन शुरू होने के पहले दिन मात्र तीन छात्र ही पहुंचे। प्राचार्य डा. लवनीरानी राजवंशी ने बताया कि पहले दिन बीएससी पंचम सेमेस्टर के तीन छात्र कक्षा में पहुंचे। महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था की है। कक्षाओं में सामाजिक दूरी के साथ बैठक व्यवस्था की है।
देवप्रयाग महाविद्यालय में 4 छात्र, तो राजकीय महाविद्यालय नैखरी (चंद्रबदनी) में 12 छात्र ही कक्षाओं में पहुंचे। देवप्रयाग महाविद्यालय के डॉ. अशोक मंदोला ने बताया कि 19 छात्रों को प्रयोगात्मक कक्षाओं के लिए कॉलेज आना था, लेकिन 4 ही आए। नैखरी में 66 छात्रों में से 12 छात्र ही कॉलेज आए।
कोटद्वार कॉलेज में पहुंचे मात्र दस छात्र, नहीं दिखे संक्रमण के बचाव के उपाय
कोटद्वार। करीब पांच हजार की छात्र संख्या वाले पीजी कालेज कोटद्वार में मात्र 10 से 15 छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। महाविद्यालय प्रबंधन की ओर से पहले दिन कॉलेज परिसर में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किसी प्रकार के उपाय नजर नहीं आए। महाविद्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। दस पंद्रह बच्चों में भी अधिकतर छात्र-छात्राएं बिना मास्क के देखे गए। प्राचार्य प्रो. जानकी पंवार ने बताया कि कोरोना के कारण अभिभावक अपने बच्चों को कॉलेज भेजने को तैयार नहीं हैं। छात्रों के ग्रुप में सभी को मंगलवार से कॉलेज आने के लिए कहा गया था। बुधवार से महाविद्यालय के गेट पर हैंड सैनिटाइज और कक्षा कक्षों को सैनिटाइज करने की व्यवस्थाएं बनाई जाएगी। वहीं करीब 350 छात्र संख्या वाले महाविद्यालय नैनीडांडा में केवल 40 छात्र-छात्राएं ही कालेज पहुंचे। राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार भाबर में भी कम छात्र नजर आए।
रुद्रप्रयाग व गुप्तकाशी में नहीं बुलाए छात्र-छात्राएं
रुद्रप्रयाग। पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि, डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग, जखोली और गुप्तकाशी में प्रयोगात्मक विषय वाले छात्र-छात्राएं ही आए। अगस्त्यमुनि कॉलेज में बीएससी में तीनों वर्षों में पंजीकृत 360 छात्र-छात्राओं में से 34 और बीए में 271 छात्र-छात्राओं में 21 छात्र-छात्राएं ही उपस्थित हुए। प्राचार्य प्रो. पुष्पा नेगी ने बताया कि पहले दिन छात्र संख्या काफी कम रही हैं। राजकीय महाविद्यालय जखोली में 131 छात्र-छात्राओं में से 36 ही हुए। इस दौरान प्राध्यापकों ने दोनों विषयों की पढ़ाई भी कराई। राजकीय डिग्री कॉलेज रुद्रप्रयाग व डिग्री कॉलेज गुप्तकाशी में बीए में प्रयोगात्मक विषय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं नहीं बुलाए गए। ब्यूरो
उत्तरकाशी : महज बीस फीसदी छात्र-छात्राएं पहुंचे
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के महाविद्यालयों में महज बीस प्रतिशत उपस्थिति ही रही। पीजी कालेज उत्तरकाशी की प्राचार्य प्रोफेसर सविता गैरोला ने बताया कि अभिभावकों से सहमति पत्र और कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं होने पर ही महाविद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं को कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। कक्षाओं में निर्धारित दूरी पर छात्र-छात्राओं को बैठाकर शिक्षण की व्यवस्था की गई है। महाविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के घूमने पर पाबंदी है। उन्होंने बताया कि अभी स्नातक प्रथम वर्ष को छोड़ अन्य कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। पहले दिन महज बीस फीसदी छात्र-छात्राएं ही महाविद्यालय पहुंचे। जिले के अन्य महाविद्यालयों में भी कमोबेश यही स्थिति रही। ब्यूरो