मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण राज्य का हृदय स्थल है। सरकार यहां राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप विभिन्न योजनाओं पर काम करा रही है। जल्द ही मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय यहां संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां सत्र स्थगन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में ढांचागत सुविधाएं जुटाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सत्रह माह पहले सरकार यहां टेंट में आई थी और आज भवन में सत्र का आयोजन हो रहा है।
इससे साफ है कि राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को साकार करने की पहल सरकार कर चुकी है। पत्रकारों के स्थायी राजधानी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में सरकार टेंट से अस्थायी भवन तक पहुंच गई है और अब तीसरा सत्र अपने भवन में होगा। ब्यूरो
मैदान भी पहाड़ के पक्ष में: जोशी
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी और उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाने के लिए मैदान भी पहाड़ के पक्ष में खड़ा है। अमर उजाला से बातचीत करते हुए जोशी ने कहा कि रविवार को आयोजित कांग्रेस सम्मेलन में मैदानी क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं की भागीदारी ने साफ कर दिया कि मैदान की कांग्रेस का पहाड़ से कोई मतभेद नहीं है।
हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, रुड़की से कई कार्यकर्ता गैरसैंण सम्मेलन में पहुंचे। उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पहले गैरसैंण में पूरी सुविधाएं जुटाना है। इस दौरान युवा कांग्रेस के राजा चौहान, जयदीप शाह, जिला प्रवक्ता गोविंद सिंह रावत आदि मौजूद थे। ब्यूरो