छह माह से वेद ऋचाओं से गुंजायमान बदरीनाथ धाम में सोमवार से वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है। तड़के से ही वेद पुस्तक, खड़ग पुस्तक, विष्णु सहस्रनाम और भागवत पुराण की पुस्तकें श्री बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में रख दी गई हैं। अब ये धार्मिक पुस्तकें आगामी वर्ष बदरीनाथ के कपाट खुलने पर ही बाहर निकाली जाएंगी। 16 नवंबर तक बदरीनाथ की पूजा वेद ऋचाओं के बिना ही संपन्न होंगी।
सोमवार को तड़के बदरीनाथ की अभिषेक पूजा और सामान्य पूजाओं में धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने वेद ऋचाओं का वाचन किया। मंगलवार को बदरीनाथ के कपाट बंद होने के तहत बदरीनाथ मंदिर परिक्रमा स्थल में स्थित लक्ष्मी मंदिर में पूजा के बाद कड़ाई भोग का आयोजन किया जाएगा।