जिले में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और दो बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। घाट क्षेत्र में चुफलागाड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब एक दर्जन गांवों के लोग दहशत में हैं।
नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण घरों के बाहर निकल कर नदी के जल स्तर के घटने का इंतजार कर रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने क्षेत्र में नदी किनारे वाले गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।
घाट ब्लॉक के भेंटी और बंगाली बुग्यालों में शीतकाल में हुई अत्यधिक बर्फबारी से अभी तक हिमखंड अटके हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मौसम में बारिश के साथ ही गर्मी से हिमखंडों के तेजी से पिघलने से चुफलागाड़ का जलस्तर बढ़ा है।
इससे बांजबगड़, लांखी, गरणी, घिंघराण, सैंती बगड़, फाली, कुंतरी, घाट बाजार, सैतोली, सेरा, ग्वाला और कांडई पुल आदि गांवों में अफरा-तफरी का माहौल है।
नंदन सिंह रावत, अर्जुन सिंह, महिपाल सिंह, नंदाबल्लभ और कुंवर सिंह का कहना है कि जलप्रलय के बाद से यहां घाट बाजार, नागबगड़, कुमार तोली और पुराना बाजार में तटबंध क्षतिग्रस्त पड़े हैं।
नदी का जल स्तर कम नहीं होने पर इन स्थानों पर दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि बारिश से चुफलागाड़ नदी का जल स्तर बढ़ा है, लेकिन अभी स्थिति सामान्य है। नदी के किनारे के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।