नारायणबगड़। ब्लॉक के ग्राम पंचायत कौब में बच्चे जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। यहां 12 वर्षों में भी स्कूल भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। यही नहीं यहां एक एएनएम सेंटर तक नहीं है। ग्रामीणों ने समस्याओं के निराकरण की मांग उठाई।
ग्राम प्रधान मगन लाल, वन पंचायत सरपंच गोविंद सिंह मिंगवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत कौब नारायणबगड़ ब्लाक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। ग्रामीणों की मांग पर सरकार की ओर से यहां राजकीय इंटर कॉलेज कौब की स्थापना की गई लेकिन भवन के अभाव में 182 बच्चे और शिक्षक जूनियर हाईस्कूल के जर्जर भवन में पठन-पाठन के लिए विवश हैं। विद्यालय भवन निर्माण के लिए शासन से वर्ष 2008-09 में 90 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। भवन निर्माण का जिम्मा निगम को दिया गया, लेकिन निर्माण निगम की सुस्त कार्य प्रणाली के कारण 12 वर्षों से भी भवन निर्माण आधा-अधूरा पड़ा है। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर ग्राम पंचायत में एक एएनएम सेंटर तक नहीं है। ऐसे में महिलाओं को बच्चों के टीकाकरण और बीमार लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए 10 किमी की दूरी तय करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड़ जाना पड़ता है। उन्होंने कहा यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। थराली विधायक मुन्नी देवी शाह ने बताया कि मामले का संज्ञान लेकर जीआईसी कौब के आधे-अधूरे भवन निर्माण कार्य की जांच की जाएगी। ग्राम पंचायत कौब में एएनएम सेंटर स्थापित करने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा जाएगा।