मुख्य वन संरक्षक व जिले के नोडल अधिकारी (फायर सीजन) रमेश चंद्र ने पिंडरघाटी पहुंचकर जंगलों में हुई आग की घटनाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग और जनता का आपसी सामंजस्य जरूरी है। इससे वनों में आग लगाने वाले अराजक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सकता है। कहा कि जंगल की आग बुझाने के दौरान मृत्यु होने पर पीड़ित परिजन को चार लाख तक का मुआवजा देने का प्रावधान है और आंशिक रूप से झुलसे लोगों के लिए भी नियमानुसार उपचार के लिए व्यवस्था है। उन्होंने वन क्षेत्रों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए वन क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर डीएफओ सर्वेश कुमार व आशुतोष सिंह, रेंजर जुगल किशोर चौहान, आशीष थपलियाल, वन दरोगा मोहन प्रसाद, सुरेंद्र कनेरी मौजूद थे।