बैरागना में मलबा निस्तारण शुरू, दो कल्वर्ट बनेंगे, ग्रामीणों ने उठाई बाढ़ सुरक्षा कार्यों की मांग
गोपेश्वर। चमोली-कुंड हाईवे पर आपदा से क्षतिग्रस्त हिस्सों के सुधारीकरण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) ने भारत सरकार को 64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। स्पेशल रिपेयर (एसआर) के तहत हाईवे पर पुश्तों का निर्माण, टाइल्स की मरम्मत, पैरापैराफिट और स्टील गार्डर लगाने सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे। वहीं, बैरागना में वाहनों की आवाजाही सुचारु करने के लिए एनएच ने मलबा निस्तारण शुरू कर दिया है। हालांकि, हाईवे के दोनों ओर अभी भी टनों मलबा जमा होने से आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।
बीते अगस्त में बैरागना गांव के ऊपर पहाड़ी पर भूस्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा गदेरे में जमा हो गया था, जो बाद में हाईवे तक पहुंच गया। बैरागना और भदाकोटी के ग्रामीणों ने गांव के समीप गदेरे के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने और हाईवे पर पुलिया बनाने की मांग उठाई है।
ग्राम प्रधान सृष्टि राणा ने कहा कि आपदा के दो माह बाद भी गदेरे के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं किए गए हैं। हल्की बारिश होने पर भी हाईवे पर मलबा आ रहा है। ऐसे में यहां पुलिया का निर्माण जरूरी है।
हाईवे पर शून्य से 36 किमी (चमोली बाजार से-कांचुलाखर्क) तक सुधारीकरण के लिए भारत सरकार को 64 करोड़ रुपये का समेकित प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैरागना में हाईवे पर दो कल्वर्ट बनाए जाएंगे, ताकि मलबा आने की स्थिति में भी हाईवे बाधित न हो।
ओंकार पांडेय, ईई, एनएच, रुद्रप्रयाग।