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चमोली और टिहरी के 700 गांवों में बिजली बहाल नहीं

Tue, 24 May 2016 09:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
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बिजली - फोटो : LOGO
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चमोली और टिहरी जिले के करीब 700 गांवों में दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हुई है। सोमवार शाम आए आंधी-तूफान में इन गांवों की बिजली गुल हो गई थी। कर्णप्रयाग और पिंडरघाटी की 45 किमी बिजली लाइन में सैकड़ों पेड़ आ गिरे थे। इससे करीब 400 गांवों की बिजली बाधित हो गई। 35 किमी लाइन से पेड़ हटाए जा चुके हैं। दस किमी में काम जारी है। टिहरी जिले में 300 गांवों में बिजली  ठप पड़ी है।
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कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी के 400 से अधिक गांवों की बिजली मंगलवार को भी बहाल नहीं हुई है। गैरसैंण, कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, देवाल और थराली ब्लाकों को यूपीसीएल के नारायणबगड़ डिवीजन से बिजली की आपूर्ति की जाती है। सोमवार शाम को आए आंधी-तूफान में पांचों विकासखंडों की बिजली गुल हो गई थी। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि कर्णप्रयाग नगर को सोमवार शाम से ही वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली दी जा रही है।

मंगलवार को कर्णप्रयाग, गौचर, नौटी और गैरसैंण के बिजलीघरों को भी चालू कर दिया गया। कर्णप्रयाग बिजलीघर के अंतर्गत लंगासू और सिमली फीडर में अधिक नुकसान होने से इससे जुड़े गांवों में बुधवार को बिजली बहाल हो पाएगी।  कर्णप्रयाग से देवाल तक 45 किमी लंबी 33 केवी की लाइन पर सैकड़ों पेड़ गिरे थे। मंगलवार शाम तक 35 किमी लाइन की मरम्मत कर दी गई। शेष 10 किमी लाइन की मरम्मत का काम जारी है।
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नारायणबगड़ और देवाल के बिजलीघरों की मरम्मत भी की जा रही है। निगम के सभी कर्मी लाइनों और बिजलीघरों की मरम्मत में जुटे हुए हैं। बुधवार तक सभी गांवों की बिजली आपूर्ति हर हाल में सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

घरों की पटालें उड़ी, एक ग्रामीण घायल
सोमवार शाम आए तेज तूफान से टिहरी जिले के तीन सौ से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि घरों की पटालें तक उड़ गई। टीन की चद्दर उड़ने से दोणी में एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे उपचार के लिए देहरादून रेफर करना पड़ा है। सोमवार को दोपहर बाद चले तूफान से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त होने से भिलंगना ग्याहरगंाव, हिंदाव, नैलचामी, भिलंग, केमर, बासर, आरगढ़, गोनगढ़, बूढ़ाकेदार, कोटी, फैगुल और ढुंगमंदार पट्टी के दर्जनों गांवों में विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई।

इन गांवों में अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। तेज तूफान से दोणी गांव में घर की छत से उड़ी टीन की चादर की चपेट में आने से बिंदी लाल की गर्दन पर चोट लगी है। पिलखी में प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे देहरादून रेफर किया गया है।

थौलधार में तूफान से नगुण पट्टी में विद्युत लाइन का ट्रंासफर गिरने से 25 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। कई घरों की छतों से पत्थर की स्लेट भी उड़ गई। ऊर्जा निगम के ईई शक्ति प्रसाद ने कहा कि तूफान से बिजली की लाइनों को काफी नुकसान पहुंचा है। जिलेभर में 300 से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित हुई है। लाइनों की मरम्मत शुरू की गई है। दो-तीन दिन में सभी जगह अस्थायी रूप से आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। तूफान से करीब 40 लाख रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

श्रीनगर में भी दो दिन से बिजली-पानी आपूर्ति ठप
श्रीनगर। आंधी-तूफान से बाधित विद्युत और पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। हालांकि शहर से तीन किमी दूर श्रीकोट गंगानाली और बेस अस्पताल में ऊर्जा निगम ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आपूर्ति बहाल कर दी। जबकि पेयजल आपूर्ति बुधवार तक बहाल होने की संभावना है।

सोमवार दोपहर बाद क्षेत्र में तेज-आंधी तूफान से शहर में कई स्थानों पर विद्युत लाइन में पेड़ गिरने से श्रीनगर शहर, बेस अस्पताल और आसपास के इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई। मंगलवार को दिन भर श्रीनगर सहित कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति आंशिक रूप से प्रभावित रही। ऊर्जा निगम ने मंगलवार दोपहर दो बजे के बाद श्रीकोट गंगानाली और बेस अस्पताल की विद्युत आपूर्ति चालू कर दी।

हालांकि श्रीनगर की लोकल लाइन क्षतिग्रस्त होने से दिन भर आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। ऊर्जा निगम के एसडीओ मनोज अग्रवाल ने बताया कि पोल बदले जा रहे हैं। वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रवीण सैनी ने बताया कि पौड़ी में सोमवार रात विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद कुछ हिस्सों में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो गई थी जबकि श्रीनगर और श्रीकोट में बुधवार तक ही आपूर्ति बहाल हो पाएगी।

ब्लाक की बडियारगढ़ और कड़ाकोट के 60 से ऊपर गांवों में सोमवार से विद्युत आपूर्ति ठप है। यहां तूफान आने के बाद से जगह-जगह विद्युत लाइन के ऊपर पेड़ गिरे हुए हैं। ऊर्जा निगम के एसडीओ दशरथ चौधरी ने बताया कि बडियारगड़ में बुधवार तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी, जबकि कड़ाकोट में 26 मई तक आपूर्ति चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


रुद्रप्रयाग में भी बहाल नहीं हुई बिजली
रुद्रप्रयाग। जिले मेें बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। हालांकि ऊर्जा निग की दो टीमें लाइनों की मरम्मत में जुटी है। जनपद में श्रीनगर-रुद्रप्रयाग और रुद्रप्रयाग-जखोली के बीच विद्युत लाइनों को खासा नुकसान हुआ है। इसके अलावा जिले के 35 गांवों की एलटी लाइनों को भी क्षति पहुंची है। ऊर्जा निगम के एसडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच लाइन की मरम्मत लगभग पूरी हो गई है। एक फेस पर फॉल्ट के कारण समस्या हो रही है। जबकि घनसाली लाइन पर कार्य चल रहा है। बुधवार से गांवों में टूटी लाइनों की मरम्मत की जाएगी। बिजली गुल होने से सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कामकाज पर असर पड़ा। केदारनाथ में भी बिजली सप्लाई ठप होने से व्यवस्थाओं में दिक्कतें आ रही हैं।
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