संतानदायिनी माता अनसूया बृहस्पतिवार को बरोसी गांव में अपनी ध्याणियों और भक्तों से विदा लेकर रात्रि प्रवास के लिए हेलंग पहुंच गई हैं। अपनी आराध्य देवी से विदा लेते वक्त ध्याणियों की आंखें छलक उठीं। ध्याणियां माता अनसूया की डोली से लिपट रो पड़ी। जोशीमठ क्षेत्र में पड़ रही जबरदस्त ठंड में भी दिवारा यात्रा में शामिल हो रहे भक्तगण उत्साह से नंगे पांव चल रहे हैं।
बृहस्पतिवार को बरोसी गांव में माता अनसूया की विशेष पूजा हुई। तीर्थ पुरोहित बलराम तिवारी, पुजारी मदन प्रसाद सेमवाल और दुर्गा सेमवाल ने माता की पूजा की और भोग लगाया। ध्याणियों ने माता के दर्शन कर अपने परिवार की कुशलता की कामना की। पूर्वाह्न ग्यारह बजे माता की डोली ने हेलंग गांव के लिए प्रस्थान किया। शुक्रवार से माता की दिवारा यात्रा उर्गम घाटी में प्रवेश करेगी। इस मौके पर दिवारा यात्रा के प्रबंधक हरेंद्र सिंह बिष्ट, जयकृष्ण मैठाणी, विक्की, नीरज, प्रभात, आशीष, अजय, विजय और ताजबर आदि मौजूद थे।