उत्तराखंड सुरताल संग्राम प्रतियोगिता में कर्णप्रयाग की रुचि ने अपने हुनर का लोहा मनवाया है। रुचि प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में उपविजेता रही। पहाड़ की लोक संस्कृति बढ़ावा देने के लिए आयोजित उत्तराखंड सुरताल संग्राम प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शनिवार को मुबंई में हुआ।
लोकनृत्य में पांच प्रतिभागियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में रुचि ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। पर्वतीय कला मंच नई दिल्ली की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता के अंतिम दौर में नृत्य और गायन में 5-5 प्रतिभागियों ने शिरकत की।
पुरस्कार स्वरूप रुचि को 21 हजार की नकद धनराशि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। नगर के हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी में 8वीं कक्षा की छात्रा रुचि के पिता दिनेश धीमान और मां ममता धीमान पेशे से शिक्षक हैं।
मंच के संयोजक और लोक गायिका कल्पना चौहान और राजेंद्र चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में हुए कई चरणों के बाद नृत्य और गायन का अंतिम चरण मुंबई में आयोजित किया गया था।
स्थानीय कलाकार कांति प्रसाद डिमरी ने बताया कि रुचि ने लोक नृत्य पर पहाड़ की प्रतिभा को मुंबई के मंच पर उकेरा है। रंगकर्मी जितेंद्र कुमार, हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी के प्रधानाचार्य सुभाष चमोली और शिक्षक सहित अन्य ने रुचि की सफलता पर खुशी जताते हुए बधाई दी है।