कैल नदी पर बनी चमोली हाइड्रो पॉवर हाउस की 5 मेगावाट परियोजना से उत्पादन ठप हो गया है। परियोजना की लाइनों में तकनीकी खराबी होने से पॉवर हाउस में पानी भर गया, जिससे कई मशीनें पानी में डूब गई हैं। परियोजना के अधिकारियों ने एक करोड़ के नुकसान की आशंका जताई है।
कैल नदी पर दस साल पहले 5 मेगावाट की विद्युत परियोजना का निर्माण किया गया, जिसका संचालन चमोली हाइड्रो जल विद्युत परियोजना की ओर से किया जा रहा है। परियोजना के प्रबंधक राजू ने बताया कि बुधवार रात को परियोजना की लाइनों में तकनीकी खराबी आ गई थी।
इससे पॉवर हाउस में लगी टरबाइनों, जनरेटर सहित अन्य मशीनें और पॉवर हाउस पानी में डूब गया। यहां करीब तीस से चालीस मीटर तक पानी भरने के कारण उत्पादन ठप हो गया। प्रबंधक ने बताया कि मशीनों को ठीक करने के लिए फ्रांस से पार्ट्स मंगाए गए हैं, जिसके बाद बंगलूरू से तकनीकी विशेषज्ञ आकर परियोजना में खराब मशीनों की मरम्मत करेंगे।
तभी परियोजना से उत्पादन शुरू हो पाएगा। उन्होंने बताया कि घटना से परियोजना को करीब एक करोड़ का नुकसान होने की आशंका है। वर्ष 2013 में भी आपदा के कारण यहां कई मशीनें और पॉवर हाउस पानी में डूब गया था। तब कंपनी को 8 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा था।