गोविंदघाट में अलकनंदा किनारे बड़े-बड़े बोल्डर अटके हुए हैं, जो आगामी बरसात में यहां कहर बरपा सकते हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन भी कई बार शासन-प्रशासन से पांडुकेश्वर से गोविंदघाट तक करीब 300 मीटर बाढ़ सुरक्षा कार्य करने की मांग कर चुका है, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान गोविंदघाट में अलकनंदा के साथ ही लक्ष्मण गंगा में बाढ़ आ जाने से गोविंदघाट में चार मंजिला धर्मशाला के साथ ही कई दुकानें और मकान जमींदोज हो गए थे।
तब प्रदेश सरकार ने पांडुकेश्वर से गोविंदघाट तक अलकनंदा के दोनों साइड बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के लिए योजना तैयार की थी, लेकिन आज तक अलकनंदा में गुरुद्वारा साइड बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं हो पाए हैं।
अलकनंदा में आज भी बड़े-बड़े बोल्डर बढ़ी त्रासदी को न्योता दे रहे हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अधिकारी भी बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर चिंतित हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि पांडुकेश्वर की साइड से अलकनंदा में सुरक्षा के अस्थायी कार्य हुए हैं, जबकि अलकनंदा का रुख आज भी गुरुद्वारे की ओर है। यहां करीब 200 मीटर बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण की जरूरत है।