पर्यावरणविद स्व. सुंदरलाल बहुगुणा ने विनोवा भावे की ओर से चलाए गए भूदान आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। अधिवक्ता व वरिष्ठ पत्रकार भुवन चंद्र नौटियाल ने बताया कि वर्ष 1964 में विनोवा भावे की ओर से चलाए जा रहे भूदान आंदोलन के दौरान पहली बार सुंदरलाल बहुगुणा चमोली जिले में पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात चमोली में सर्वोदय आंदोलन से जुड़े चंडी प्रसाद भट्ट और अन्य लोगों से हुई। वर्ष 1970 में चमोली में आई बेलाकुची बाढ़ के दौरान भी सुंदरलाल बहुगुणा प्रभावितों के बीच पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया था। बाद में चमोली जिले में पर्यावरण संरक्षण का आंदोलन तेज हुआ तो सुंदरलाल बहुगुणा ने आंदोलन का समर्थन किया था। वे प्रख्यात पत्रकार भी थे। चिपको आंदोलन को वे लेखनी के माध्यम से समर्थन देते रहे। इस दौरान 1973 में शुरू हुए शराबबंदी के आंदोलन को भी उन्होंने समर्थन दिया। संवाद
चंडी प्रसाद भट्ट ने दी श्रद्धांजलि
गोपेश्वर। पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए पद्मविभूषित चंडी प्रसाद भट्ट ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा एक प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता थे। उनका जाना हम सभी लोगों के लिए दुखदाई है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। वहीं, संकल्प अभियान के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य किए हैं। संवाद