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Chamoli News: आंगन में धमके भालू, घर में कैद हुआ परिवार

Tue, 27 Jan 2026 07:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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पुडियाणी गांव का मामला, लोगों ने ग्रामीणों को फोन पर दी सूचना
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संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। विकासखंड के पुडियाणी गांव में एक परिवार के आंगन में दो भालू धमक गए जिससे पूरा परिवार दहशत में आ गया और एक कमरे में कैद हो गया। भालू देर तक आंगन में घूमता रहा। घर के सदस्यों ने कमरे से शोर मचाया और फोन से अन्य ग्रामीणों को सूचना दी। करीब डेढ़ घंटे तक पूरा परिवार कमरे में ही कैद रहा। अन्य घरों से ग्रामीण शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे तो भालू भाग गए।
गांवों में भालुओं की दहशत लगातार बनी हुई है। पुडियाणी गांव के मनोज कुमार के घर के आंगन के पास रविवार रात को करीब पौने नौ बजे दो भालू धमक गए। बाहर आहट सुनकर घर के लोगों ने बाहर झांका तो भालू दिखे। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य और बच्चे (दो बड़े और तीन बच्चे) एक कमरे में कैद हो गए। उनका मकान सुनसान जगह पर है। उन्होंने फोन से गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। करीब साढ़े दस बजे गांव के अन्य लोग शोर मचाते हुए वाह पहुंचे तो भालू भाग गए। इसके बाद पूरा परिवार घर से बाहर आया। पुड़याणी के ग्राम प्रधान सतीश कुमार, अरविंद कुमार, संदीप कुमार आदि ने बताया कि पिछले कई समय से दोपहर में ही भालू गांव के आसपास दिखाई दे रहे है जिससे लगातार खतरा बना हुआ है।
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कोटग्रामीणों की सूचना पर वन दरोगा सहित अन्य कर्मचारियों को गश्त के लिए मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले इधर उधर न जाने को कहा गया। साथ ही घरों के आसपास पर्याप्त उजाला रखने को कहा। - .नवल किशोर नेगी, वन क्षेत्राधिकारी धनपुर रेंज।


फोटो



मेहलचौंरी के खजूरखाल में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार



गैरसैंण। विकासखंड के मेहलचौंरी क्षेत्र के गांवों में दहशत का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। वन विभाग ने गुलदार को रेस्क्यू कर चिड़ियापुर सेंटर भेज दिया है।
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मेहलचौंरी के उजेटिया, सिलंगा, कुनीगाड़ सहित आस पास के गांवों में एक माह से गुलदार की दहशत बनी थी। बीते एक माह में गुलदार यहां 17 से अधिक मवेशियों को मार चुका था। नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव भी किया। इसके बाद यहां वन विभाग ने पिंजरा लगाया लेकिन गुलदार नहीं फंसा और लगातार मवेशियों को मारता रहा। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने क्षेत्र में तीन पिंजरे लगाए। खजूरखाल गांव के पास लगे पिंजरे में गुलदार कैद हो गया। लोहवा रेंज के रेंजर प्रदीप गौड़ ने बताया कि गुलदार को गैरसैंण लाया गया। चिकित्सा परीक्षण के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार गुलदार को चिड़यापुर रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया गया है। पीड़ित पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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