बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा अब पूरी तरह पटरी पर लौट आई है। बदरीनाथ के कपाट खुलने से अभी तक इन तीन हफ्तों में बदरीनाथ में दो लाख 48 हजार 480 तीर्थयात्री मत्था टेकने पहुंचे। तीर्थयात्रियों का यह आंकड़ा आपदा से पूर्व के यात्रा रिकार्ड के बेहद करीब है।
आपदा के बाद से यात्रा पड़ाव झड़कुला, बिरही, छिनका, भीमतला, पीपलकोटी, पाखी, हेलंग में यात्रा काल में भी सन्नाटा पसरा रहता था, अब यहां तीर्थयात्रियों की चहल-पहल बनी हुई है। पीपलकोटी के होटल व्यवसायी सज्जन शाह का कहना है कि इस वर्ष तीर्थयात्रा को देखते हुए आपदा को भूल गए हैं।
गोविंदघाट के व्यवसायी सूरज कहते हैं कि व्यवसायी वर्ष 2013 की आपदा को भूलकर अपने व्यवसाय में जुटे हुए हैं। वर्ष 2012 में शुरुआत के तीन सप्ताह में बदरीनाथ धाम में 254562 तीर्थयात्री मत्था टेकने पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष तीन सप्ताह में 2,48,480 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन करने पहुंचे हैं।
पिछले पांच वर्षों में 21 दिन में बदरीनाथ पहुंचे तीर्थयात्री--
वर्ष तीर्थयात्री
2012 254562
2013 284740
2014 84564
2015 174789
2016 248480
बादल फटने की अफवाह से हेमकुंड यात्रा प्रभावित
आपदा के बाद से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा जोर नहीं पकड़ पाई है। हालांकि बीते वर्ष की तुलना में हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा करीब 25 फीसदी बढ़ी है, लेकिन जिस प्रकार वर्ष 2013 की आपदा से पूर्व हेमकुंड साहिब के लिए तीर्थयात्रियों का रैला उमड़ता था, वह अभी नहीं दिख रहा है।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा 25 मई से शुरू हुई, जबकि हर वर्ष एक जून से तीर्थयात्रा शुरू होती थी। एक सप्ताह में हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या करीब 22 हजार है। बीते वर्ष एक हफ्ते में करीब 14 हजार यात्री पहुंचे थे।
आपदा से पूर्व वर्ष 2012 में एक हफ्ते में 49357 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शनों को पहुंचे थे। गोविंदघाट गुरुद्वारे के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि इस वर्ष हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा में आपदा के बाद से करीब पच्चीस फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है। पंजाब और दिल्ली में उत्तराखंड में जगह-जगह बादल फटने से यात्रा रुकने की अफवाह से यात्रा पर असर पड़ा है। पांच जून के बाद से तीर्थयात्रा के बढ़ने की उम्मीद है।
पांच साल में एक सप्ताह में हेमकुंड साहिब पहुंचे तीर्थयात्री-
वर्ष तीर्थयात्री
2012 49357
2013 52746
2014 9834
2015 12864
2016 22430
बदरीनाथ धाम में तड़के तीन बजे से ही लग रही लाइन
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में बुधवार को 12420 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। बदरीविशाल के दर्शनों को तीर्थयात्रियों की सुबह तीन बजे से ही लाइन लग रही है। धाम में इन दिनों मौसम सुहावना बना हुआ है। वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए बुधवार को 1823 सिख तीर्थयात्रियों ने गोविंदघाट से घांघरिया के लिए प्रस्थान किया।
8835 श्रद्धालुओं ने किए केदार दर्शन
केदारनाथ। बुधवार को 8835 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। सुबह 5 बजे से मंदिर पसिसर में श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच दिनभर मंदिर परिसर से वैली ब्रिज के समीप तक यात्रियों की लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान 4512 पुरुष, 4166 महिलाएं, 150 बच्चे और 7 विदेशी भक्तों ने दर्शन किए। इधर, शाम चार बजे तक सोनप्रयाग से पैदल रास्ते से 6690 यात्रियों ने धाम के लिए प्रस्थान किया। इधर, केदारनाथ में दिनभर सूरज और बादलों की आंखमिचौली का खेल चलता रहा।