बदरीनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शनिवार आज से शुरू हो जाएगी। आज धाम में स्थित गणेश मंदिर के कपाट बदरीनाथ की शयन आरती के साथ ही शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार को तड़के ही गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा को बदरीनाथ गर्भगृह में रखा जाएगा।
इसके बाद वेद ऋचाओं के साथ बदरीनाथ के साथ ही गणेश भगवान का अभिषेक किया जाएगा। बदरीनाथ की दिनभर पूजा चलेगी। शनिवार शाम सात बजे बदरीनाथ की शयन आरती के बाद विधि-विधान के साथ मंदिर परिसर स्थित गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। बदरीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए आगामी 16 नवंबर को शाम तीन बजकर 45 मिनट पर बंद कर दिए जाएंगे।
बदरीनाथ के कपाट बंद होने से पूर्व ये प्रक्रियाएं होंगी संपन्न -
12 नवंबर - गणेश व महाभिषेक पूजा के बाद शाम 7 बजे गणेश मंदिर के कपाट बंद।
13 नवंबर - मध्याह्न में आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट होंगे बंद।
14 नवंबर - धाम में वेद ऋचाओं का वाचन होगा बंद।
15 नवंबर - लक्ष्मी मंदिर में पूजा व कढ़ाई भोग का आयोजन।
16 नवंबर - माता लक्ष्मी का बदरीनाथ गर्भगृह में प्रवेश और 3.45 बजे बदरीनाथ के कपाट बंद।