बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल में पहाड़ी दरकने से करीब चार घंटे तक वाहनों की आवाजाही रुकी रही। सुबह दस बजे हाईवे पर मलबा और बोल्डर आ गए, लेकिन एनएचआईडीसीएल की मशीनें ढाई घंटे देरी से पहुंचीं, जिससे बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग करीब दो किलोमीटर पैदल दूरी तय कर गंतव्य को रवाना हुए।
क्षेत्रपाल में सुबह छह बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए, जिससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। एनएचआईडीसीएल की जेसीबी मौके पर न होने के कारण सुबह साढ़े आठ बजे तक भी हाईवे खोलने का काम शुरू नहीं हो पाया। हाईवे खुलता न देख कई लोगों ने दो किमी की पैदल दूरी तय की। सुबह नौ बजे जेसीबी पहुंची और हाईवे से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। सुबह दस बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया। परिवार के साथ बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे मयंक उपाध्याय और हार्दिक उनियाल ने कहा कि भूस्खलन क्षेत्रों में मशीनें पहले से ही तैनात की जानी चाहिए, जिससे मलबा आने पर हाईवे को तत्काल सुचारु किया जा सके। वहीं एनएचआईडीसीएल के जीएम संदीप कार्की का कहना है कि जेसीबी पहुंचने में थोड़ा देरी हुई है। अब हाईवे को पूरी तरह सुचारु कर दिया गया है।