बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में शनिवार को तीसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही ठप रही, जिसके चलते बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों को करीब आधा किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ी। आधा किमी की दूरी पार करने के बाद लोकल वाहनों से 300 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। लामबगड़ में चट्टान से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे को खुलने में अभी दो दिन का समय और लग सकता है।
शनिवार को भी बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों ने करीब आधा किलोमीटर तक पैदल आवाजाही की। लामबगड़ से आधा किमी पैदल चलने के बाद लोकल वाहनों से 300 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे और करीब 250 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर अपने गंतव्य को लौटे। लामबगड़ में चट्टान से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे को खुलने में अभी दो दिन तक का समय और लग सकता है। बीते बुधवार रात हुुई बारिश से लामबगड़ में चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए थे। तब से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में हाईवे को खोलने का काम भी प्रभावित हो रहा है। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा कर लौटे शिक्षक धन सिंह घरिया ने बताया कि तीर्थयात्री लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र से पहले ही अलकनंदा के किनारे से होते हुए लामबगड़ बाजार पहुंच रहे हैं और फिर यहां से लोकल वाहनों से बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। वहीं, लामबगड़ चट्टान के शीर्ष भाग में स्थित पटूड़ी गांव को भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यहां लगभग 25 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों की कृषि भूमि भी भूस्खलन की चपेट में आ गई है। बदरीनाथ धाम जा रही रिलायंस जीओ की ओएफसी (ऑप्टिकल फाइवर केबिल) भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई है। जबकि यहां स्थित ऊर्जा निगम की 11 केवी की विद्युत लाइन और जेपी की विद्युत लाइन भी भूस्खलन की चपेट में आ गई है। जोशीमठ के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल का कहना है कि एनएच की जेसीबी मशीनों से हाईवे को सुचारु करने का काम जारी है। जल्द ही हाईवे को सुचारु कर लिया जाएगा।
गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्गों पर घंटों तक प्रभावित रहा यातायात
चारधाम यात्रियों व स्थानीय लोगों को करना पड़ा भारी दिक्कतों का सामना
- ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन में भारी भूस्खलन
अमर उजाला ब्यूरो
उत्तरकाशी। बीती रात हुई भारी बारिश के कारण शनिवार को गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्ग घंटों तक बाधित रहे, जिसके चलते चारधाम यात्रियों व स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि सड़क निर्माण विभागों द्वारा शनिवार सुबह ही सभी सड़कों पर यातायात सुचारु कर दिया गया।
शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश से ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन में भारी भूस्खलन हुआ, जिस कारण यमुनोत्री हाईवे पर देर रात से ही वाहनों की आवाजाही ठप रही। शनिवार को मौसम खुलते ही एनएच कर्मियों ने सुबह साढ़े सात बजे तक हाईवे को सुचारु कर दिया। वहीं बड़ेथी चुंगी व हेल्गुगाड में भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे भी अवरुद्ध हुआ, जिसे बीआरओ कर्मियों ने शनिवार सुबह पौने दस बजे तक मलबा साफ कर बहाल कर दिया। शुक्रवार देर रात जिला मुख्यालय क्षेत्र में गरज के साथ हुई मूसलाधार बारिश से वरुणावत पर्वत से निकलने वाले नालों में भारी मात्रा में पानी आया, जिससे ज्ञानसू में पाडुली नाला व उजेली में गपोड़ी खाला और संस्कृत महाविद्यालय के ऊपरी हिस्से में आने वाले नाले में बरसात के पानी के साथ आया भारी मलबा गंगोत्री हाईवे पर पसर गया। यह मलबा यहां कैलाश आश्रम समेत कई आश्रमों आदि आवासीय परिसरों में घुसने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर मलबे के कारण यहां यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। बारिश का सिलसिला थमने पर बीआरओ ने जेसीबी आदि मशीनों की मदद से हाईवे पर पसरा मलबा साफ कराकर यातायात बहाल कराया। इसके अतिरिक्त तेखला-महिडांडा, भुक्की-कुज्जन, सिलक्यारा-बनगांव-सरोट और बड़ेथी-बनचौरा-कल्याणी मोटर मार्गों पर भी कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।