बदरीनाथ हाईवे के शनिवार को जगह-जगह बाधित होने से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कमेड़ा से कंचनगंगा तक हाईवे छह जगहों कमेड़ा, चटवापीपल, सैकोट, भकुंडा, पागलनाला और कंचनगंगा में बाधित रहा। वहीं पर्थाडीप और नंदप्रयाग-सैकोट सड़क बाधित होने से श्रद्धालु करीब 17 किमी अतिरिक्त आवाजाही कर गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ और सैकोट-पोखरी-चोपता-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग से अपने गंतव्य को रवाना हुए। कंचनगंगा और लामबगड़ में भी करीब चार घंटे तक हाईवे बाधित रहा।
कर्णप्रयाग और गौचर के बीच चटवापीपल के पास पहाड़ी से लगातार पहाड़ी दरक रही है, जिससे यहां खतरे के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही है। नंदप्रयाग के समीप पर्थाडीप भूस्खलन क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी हाईवे बाधित होने से पुलिस प्रशासन ने वाहनों को कोठियालसैंण-सैकोट-नंदप्रयाग सड़क से भेजा, लेकिन सुबह करीब 7:30 बजे सैकोट गांव के पास पहाड़ी से बोल्डर और मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया। जिससे यहां करीब 400 वाहनों के पहिए थम गए। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जेसीबी से मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारू हो पाया। हाईवे खुलने में देरी होने पर कई श्रद्धालु गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे और गोपेश्वर-बछेर-पोखरी मोटर मार्ग से होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचे। लेकिन इसमें श्रद्धालुओं को करीब 17 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
चार घंटे तक बाधित रहा नृसिंह मंदिर मार्ग
ज्योतिर्मठ। ज्योतिर्मठ-नृसिंह मंदिर बाईपास मार्ग बुस उडियार के पास मलबा आने से शनिवार को करीब चार घंटे तक बाधित रहा। दोपहर करीब 12 बजे यहां बोल्डर आ गए। ज्योतिर्मठ में मारवाड़ी चौक से नृसिंह मंदिर होते हुए वाहन बदरीनाथ जाते हैं। मार्ग बाधित होने से वाहनों को बाजार से होकर भेजा गया। अपराह्न करीब सवा चार बजे लोनिवि ने मलबा हटाकर मार्ग को सुचारू कर दिया।
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जिले के 54 संपर्क मार्ग बंद
गोपेश्वर। तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश से चमोली जिले की 54 सड़कें बंद हो गई हैं। जिससे 150 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। हालांकि बरसात के चलते पहले से जिले में करीब 30 सड़कें बंद थी। वहीं अब 20 सड़कें और बंद हो गईं हैं। इसमें मंडल-ग्वाड़, नंदानगर-नंदप्रयाग-सुतोल-कनोल, धुर्मा कुंडी, हापला-गुणम-नैल, उडामांडा-रौता, कुहेड़ मैठाणा-पलेठी-सरतोली सहित अन्य सड़कें शामिल हैं।