जोशीमठ से आ रहे बैंक कर्मचारी दीपक ने बताया कि उन्हें आवश्यक कार्य से कार्यालय जाना था। शनिवार दिनभर हाईवे खुलने का इंतजार किया, लेकिन रविवार को पैदल ही सफर तय कर गोपेश्वर पहुंच सके। वहीं, जोशीमठ के एक व्यक्ति का गोपेश्वर अस्पताल में निधन हो गया। हाईवे बंद होने से परिजन भनेरपाणी से पैदल चलकर गोपेश्वर पहुंचे। शव का पैतृक घाट जोशीमठ के बजाय चमोली में दाह संस्कार किया गया।
बदरीनाथ के दर्शन किए बगैर ही लौट रहे लोग
भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को जा रहे अधिकांश श्रद्धालु बदरीनाथ हाईवे के दो दिन से अवरुद्ध होने से बिना दर्शनों के ही आधे रास्ते से लौट रहे हैं। भनेरपाणी में पानी की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालु दो किमी दूर पीपलकोटी जा रहे हैं। रविवार को रुद्रपुर के आठ श्रद्धालुओं का दल पीपलकोटी से ही लौट गया।
बदरीनाथ हाईवे पर भनेरपाणी में बिना बारिश के पत्थर गिर रहे हैं। चमियाला के श्रद्धालु महावीर सिंह, कमलेश्वर पेंन्यूली और अरविंद सिंह का कहना है कि हाईवे बंद होने से उन्हें पर लौटना पड़ रहा है। देहरादून के मोहित अग्रवाल और ऋषिकेश के अरुण तिवारी का कहना है कि श्रद्धालुओं को कहीं भी हाईवे बंद होने की सूचना नहीं दी जा रही है, जिससे वे सीधे भूस्खलन वाले क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से हाईवे बंद होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को नगर क्षेत्रों में ही रुकवा देना चाहिए, जिससे खाने-पीने की समस्या न हो। डीएम स्वाति भदौरिया का कहना है कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही पुलिस के जवान लोगों की मदद के लिए मौजूद हैं। जल्द ही हाईवे को सुचारु कर लिया जाएगा।
प्रदेश में मानसून सीजन में अब तक 12 फीसदी कम बारिश हुई है। विशेषकर उत्तरकाशी जिले में अब तक करीब 40 फीसदी ही बारिश हुई है। वहीं, चार अन्य ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से कुछ ज्यादा बारिश हुई है।
मौसम विभाग ने इस साल उत्तराखंड में मानसून समान्य या सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई है, लेकिन अब तक की जो तस्वीर है, वह इससे थोड़ा उलट है। एक जून से शुरू हुए मॉनसून सीजन के दौरान उतरकाशी में अब तक 41, रुद्रप्रयाग में 82, नैनीताल में 72, हरिद्वार में 87, टिहरी में 90, पौड़ी में 64, देहरादून में 75, चंपावत में 62 और अल्मोड़ा में 98 बारिश हुई है। बागेश्वर में 129, चमोली में 17, पिथौरागढ़ में 11 और उधम सिंह नगर में 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अभी नियमित तौर पर बारिश का क्रम बना हुआ है। इससे आने वाले समय में मानसून की बारिश अपने सामान्य लेवल या उससे अधिक पर पहुंच सकती है।