चार जगहों पर हुआ भूस्खलन, फंसे रहे 300 श्रद्धालु, हाईवे किनारे बैठकर किया खुलने का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ/गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन होने से करीब पांच घंटे तक वाहनों के पहिये थमे रहे। इस दौरान बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जा रहे लगभग 300 श्रद्धालु फंसे रहे। श्रद्धालुओं ने हाईवे के किनारे और वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया।
मंगलवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से बदरीनाथ हाईवे सुबह करीब पांच बजे भूस्खलन क्षेत्र विनायकचट्टी, पागलनाला, छिनका, पर्थाडीप में बंद हो गया। इस दौरान बदरीनाथ और हेमकुंड जाने वाले करीब 300 यात्री जगह-जगह फंस गए। हाईवे खोलने के लिए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) और एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की जेसीबी ने काम शुरू किया। पागलनाला, पर्थाडीप और छिनका में सुबह नौ बजे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई लेकिन विनायकचट्टी में सुबह दस बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। इसके बाद श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य को भेज दिया गया। जबकि ज्योतिर्मठ के चुंगीधार में वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है।
कमेड़ा में आया मलबा, तीन घंटे बंद रहा राजमार्ग
गौचर। बुधवार सुबह बारिश के कारण कमेड़ा में पहाड़ी से मलबा आने से बदरीनाथ हाइवे करीब तीन घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। इस दौरान यहां करीब 150 वाहन फंसे रहे।
कमेड़ा स्लाइडिंग जोन में बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ हाइवे बंद हो गया। ऐसे में श्रीनगर, देहरादून, हरिद्वार सहित गोपेश्वर व चमोली जिले के अन्य स्थानों को आने-जाने वाले लोग फंसे रहे। सड़क बंद होने से चमोली जिले के इलाकों में दूध, फल, सब्जी, अखबार इत्यादि जरूरी सामान की सप्लाई भी देर से हुई। एनएचआईडीसीएल की ओर से जेसीबी से मलबा हटाने के बाद साढ़े आठ बजे सड़क मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया। संवाद