शासन से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के दौरों और मैराथन बैठकों के बावजूद बदरीनाथ धाम में कार्य अभी भी आधे-अधूरे हैं। नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से बदरीनाथ के आंतरिक मार्गों पर बिछाई गई टाइल्स कई जगहों पर क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, आरसीसी का काम पूरा नहीं हो पाया है। रास्तों के किनारे नालियां भी क्षतिग्रस्त पड़ी हैं।
बदरीनाथ वाहन पार्किंग स्थल पर वर्ष 2013 से खड़ा खराब वाहन अभी तक नहीं हटाया गया है। कूड़ा निस्तारण की भी उचित व्यवस्था नहीं हुई है। बदरीनाथ मंदिर प्रांगण में स्ट्रीट लाइटें भी अभी तक नहीं लगी हैं। सुलभ इंटरनेशनल की ओर से धाम में 12 शौचालयों का निर्माण किया जाना है।
इसमें अभी तक मात्र पांच शौचालयों का ही निर्माण कार्य पूर्ण हो पाया है। सीवर लाइन का कार्य भी अधूरा है। मुख्य पथ पर जगह-जगह अधूरे छोड़े गए गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन सकते हैं। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन का कहना है कि संबंधित विभागों को शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। धाम में यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी।