गढ़वाल के सबसे बड़े मंदिरों में शुमार गोपीनाथ मंदिर का निरीक्षण करने पहुंची भारतीय पुरातत्व विभाग की टीम को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। लोगों ने मंदिर में इर्द-गिर्द आवासीय भवनों के निर्माण और सुधारीकरण कार्य की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की।
गोपीनाथ मंदिर के संरक्षण का जिम्मा भारतीय पुरातत्व विभाग के पास है। इसके लिए टीम समय-समय पर आकर यहां का निरीक्षण करती है। शुक्रवार को सुबह 11 बजे पुरातत्व विभाग के अधिकारी गोपीनाथ मंदिर के निरीक्षण को पहुंचे तो स्थानीय लोग भी यहां इकट्ठे हो गए।
स्थानीय निवासी गोपाल दत्त भट्ट, जगदंबा प्रसाद भट्ट, प्रमोद बिष्ट, अशोक बिष्ट, चंद्रप्रकाश भट्ट, महेंद्र नेगी, कुशलानंद भट्ट और नवल भट्ट का कहना है कि पुरातत्व विभाग की ओर से मंदिर के आसपास सुधारीकरण कार्यों पर रोक लगाई गई है।
ऐसे में हमें निजी भूमि पर भी निर्माण कार्य और सुधारीकरण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए भी विभागीय संस्तुति लेने की बात कह रहे हैं।
संस्तुति न लेने की सूरत में नोटिस थमाए जा रहे हैं। इस पर पुरातत्व विभाग के अधीक्षक वसंत कुमार ने कहा कि नियमानुसार ही निर्माण कार्य में विभागीय कार्रवाई अमल में ली जा रही है। स्थानीय लोगों की समस्याओं को उच्च अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। पुरातत्व विभाग के अधीक्षक के साथ तीन अन्य लोग भी शामिल थे।