नंदप्रयाग-घाट सड़क डेढ़ लेन निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 49वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को आमरण अनशन पर बैठे व्यापार संघ अध्यक्ष चरण सिंह नेगी ने मांग को लेकर प्रधानमंत्री को खून से लिखा पत्र भेजा। वहीं अनशनरत लोगों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। डॉक्टरों ने उन्हें शीघ्र उपचार देने की बात कहीं।
सड़क निर्माण को लेकर उस्तोली प्रधान महावीर सिंह बिष्ट, व्यापार संघ के सदस्य सुरेंद्र सिंह कठैत और पूर्व प्रधान दिनेश नेगी पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं। जबकि व्यापार संघ अध्यक्ष चरण सिंह नेगी दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को चाका मोठा के प्रधान हरेंद्र सिंह ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन को लगातार ग्रामीणों का समर्थन मिल रहा है। बुधवार को बंगाली, उस्तोली, सेंती और चाका मोठा गांव के ग्रामीणों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शीघ्र मांग पूरा करने की मांग उठाई। इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाट के डा. मनोज शाह ने बताया कि अनशनकारी दिनेश और महावीर के शरीर में कमजोरी आ गई है, लिहाजा उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दिया जाना चाहिए।
आंदोलनकारियों के उत्पीड़न से और तेज होगा आंदोलन : भंडारी
गोपेश्वर। पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस नेता राजेंद्र भंडारी ने कहा कि घाट आंदोलन को दबाने के लिए सरकार आंदोलनकारियों का उत्पीड़न कर रही है जिससे आंदोलन और तेज होगा। सरकार को बिना देर किए नौ मीटर चौड़ी सड़क का शासनादेश जारी कर काम शुरू करवाना चाहिए।
लोनवि गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में भंडारी ने कहा कि लंबे समय बाद ऐसा जन आंदोलन हो रहा है, जिसमें लोग खुद शामिल हो रहे हैं। भंडारी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनके समय में जिला अस्पताल को बेस अस्पताल बनाने का शासनादेश हुआ, टोकन मनी जारी हुई, चार करोड़ की वित्तीय स्वीकृति और रेशम विभाग की जमीन भी ट्रांसफर हुई, लेकिन सब रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, हरिकृष्ण भट्ट, योगेंद्र बिष्ट, धीरेंद्र गरोड़िया और आनंद सिंह राणा सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे। संवाद