श्रावण मास के पहले दिन शिवालयों में शिव भक्तों ने शिवलिंग पर दूध और जल से अभिषेक किया। कमलेश्वर महादेव मंदिर और नागेश्वर मंदिर तीन माह बाद बृहस्पतिवार को भक्तों के लिए खोले गए। इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया गया और भक्त घर से ही जल लेकर आए। कमलेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी है। जलाभिषेक के लिए गर्भगृह के बाहर से शिवलिंग तक जल पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिसके तहत एक टीन की चादर मोड़कर लगाई गई।
वहीं श्रीकोट के चंद्रेश्वर, श्रीनगर के घस्या महादेव, कटकेश्वर, धारीढुंडसिर के ढुंडेश्वर, जखंड के जटलेश्वर व चौरास के किलकिलेश्वर आदि शिव मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक कर भोले नाथ से सुख समृद्धि की कामना की।
पोखरी में शिवालयों में भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे और भोले का जलाभिषेक किया। लोगों ने वामनाथ, वासुकेदार, रैसू सलना, महड़ पुष्केश्वर महादेव आदि मंदिरों में पहुंचकर पूजा कर आशीर्वाद लिया।